बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते-पढ़ाते Dr. Vikas Divyakirti ने बना ली करोड़ों की प्रॉपर्टी? नेटवर्थ जानकर आएंगे चक्कर!

Dr. Vikas Divyakirti Networth: अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं या किसी दोस्त ने कभी "दृष्टि आईएएस" का नाम आपके सामने लिया है, तो आपने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का नाम भी जरूर सुना होगा। उनकी आवाज, उनके तर्क और उनके पढ़ाने का खास अंदाज और समझाने का तरीका आज लाखों युवाओं की प्रेरणा बन चुका है।
इंस्टाग्राम हो या यूट्यूब, ट्विटर (अब एक्स) हो या फेसबुक विकास सर के वीडियो हर जगह छाए रहते हैं। लेकिन सवाल उठता है- ये हैं कौन? और आखिर क्यों सोशल मीडिया पर इतना छाए रहते हैं?
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के बारे में
हरियाणा के भिवानी से ताल्लुक रखने वाले डॉ. दिव्यकीर्ति का जन्म 26 दिसंबर 1973 को हुआ। बचपन से ही हिंदी साहित्य में गहरी रुचि थी और यही वजह रही कि 1995 में उन्होंने इसी सब्जेक्ट में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी...
1996 में पहली बार यूपीएससी का फॉर्म भरा और पहले ही अटेम्प्ट में 384वीं रैंक ले आए। लेकिन जो चीज उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती है, वो है उनके फैसले। उन्हें CISF कमांडेंट की पोस्ट ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने ये कहकर मना कर दिया कि "इसमें मेरा कोई इंट्रेस्ट नहीं है" (और हां, थोड़े हेल्थ इश्यूज भी थे)। इसके बाद वे कुछ समय के लिए गृह मंत्रालय में डेस्क ऑफिसर बने, लेकिन जल्द ही वहां से विदा लेकर टीचिंग के रास्ते पर चल पड़े।
दृष्टि IAS से पूरा किया हजारों का सपना
1999 में उन्होंने दृष्टि IAS की नींव रखी। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि ये कोचिंग सेंटर एक दिन UPSC की दुनिया का बड़ा नाम बन जाएगा। स्टूडेंट्स को सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का तरीका सिखाने वाले सर, आज देशभर में लाखों युवाओं की उम्मीद बन चुके हैं।
वायरल वीडियो और मोटिवेशनल स्पीच
अब आप सोच रहे होंगे कि टीचर तो बहुत हैं, लेकिन ये सोशल मीडिया पर क्यों छाए रहते हैं? क्योंकि विकास सर के बोलने का अंदाज एकदम अलग है। कभी तर्क से, कभी कहानी से और कभी अपने मज़ाकिया लहजे से, वो ऐसी बात कह जाते हैं जो सीधे दिल में उतर जाती है। उनके वीडियो में ना सिर्फ सिलेबस की बातें होती हैं, बल्कि जिंदगी के फंडे भी बड़े आसान शब्दों में मिल जाते हैं।
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का लेटेस्ट अपडेट
हाल ही में दिल्ली के ओल्ड राजेन्द्र नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां राउ IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे UPSC कम्युनिटी को झकझोर दिया।
इस दुखद घटना के बाद, डॉ. दिव्यकीर्ति और उनकी टीम ने इंसानियत और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने एलान किया कि राउ आईएएस के मौजूदा छात्रों को फ्री में जनरल स्टडीज, टेस्ट सीरीज और ऑप्शनल सब्जेक्ट की कोचिंग दी जाएगी। उनका ये कदम ना सिर्फ सराहनीय है, बल्कि बाकी कोचिंग सेंटरों के लिए भी एक सबक है।
दृष्टि पर भी आई कार्रवाई की आंच
हालांकि, इस हादसे के बाद प्रशासन ने दृष्टि IAS के साथ ओल्ड राजेन्द्र नगर के तमाम कोचिंग सेंटरों पर नजर गड़ा दी है। अवैध गतिविधियों और बिल्डिंग नॉर्म्स की जांच चल रही है। पर एक बात तय है, विकास दिव्यकीर्ति का नाम इस वक्त फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह सिर्फ एजुकेशन नहीं, बल्कि संवेदनशीलता भी है।
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की नेटवर्थ
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विकास दिव्यकीर्ति की कुल नेटवर्थ लगभग 200 करोड़ रुपये (200,000,000 रुपये) आंकी गई है, जिसका अहम कारण एक टीचर के रूप में उनका सफल करियर और उनकी कोचिंग इंस्टीट्यूट, दृष्टि आईएएस का विकास है।


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