डॉ. विकास दिव्यकीर्ति अपनी इस स्टूडेंट से करते हैं बेहद प्यार, सिर्फ 23 साल की उम्र में बन चुकी है IAS

Dr Vikas Divyakirti Favourite Student: हर साल देशभर से लाखों उम्मीदवार UPSC की परीक्षा में शामिल होते हैं। सभी की आंखों में एक ही सपना होता है-एक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना। UPSC की तैयारी करने वालों के बीच दृष्टि IAS कोचिंग के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति एक जाना-माना नाम हैं। वे न सिर्फ किताबी ज्ञान, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी बेहद सरलता से समझाने के लिए मशहूर हैं। उनका सहज स्वभाव और हल्की मुस्कान लाखों छात्रों को प्रेरित करती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि डॉ. दिव्यकीर्ति की सबसे पसंदीदा स्टूडेंट कौन है? चलिए जानते हैं।
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की फेवरेट स्टूडेंट
हर साल हजारों छात्रों को पढ़ाने वाले और लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाले डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की पढ़ाने की शैली इतनी खास है कि पहली ही क्लास में कोई भी उनका प्रशंसक बन सकता है। भले ही वे लाखों छात्रों के पसंदीदा शिक्षक हैं, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद खुलासा किया कि उनका सबसे पसंदीदा स्टूडेंट कौन है। इस इंटरव्यू में डॉ. दिव्यकीर्ति ने बताया कि उनकी फेवरेट स्टूडेंट दिव्या तंवर हैं, जो एक IAS अधिकारी हैं और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। कई वीडियो में भी डॉ. विकास दिव्यकीर्ति को दिव्या तंवर की जमकर तारीफ करते हुए देखा गया है।
आर्थिक तंगी से निखरी
कहा जाता है कि डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की स्टूडेंट दिव्या तंवर को बचपन से ही पढ़ाई का बेहद शौक था। जहां अन्य बच्चे मोबाइल और दोस्तों के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं, वहीं दिव्या को किताबों से गहरा लगाव था। उनका बचपन काफी संघर्षों से भरा रहा। पिता के असमय निधन के बाद परिवार पर जैसे मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उनकी मां ने हिम्मत नहीं हारी और जैसे-तैसे घर संभाला। दिव्या ने भी हर कदम पर अपनी मां का साथ दिया। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। आज उन्हीं की मेहनत का नतीजा है कि वे एक सफल IAS अधिकारी बन चुकी हैं।
महज 23 साल की उम्र में बन गईं IAS अधिकारी
बीएससी की डिग्री हासिल करने के बाद, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की पसंदीदा छात्रा दिव्या तंवर ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। तमाम चुनौतियों और कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने वर्ष 2021 में, महज 22 साल की उम्र में, UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की और 438वीं रैंक हासिल की।
इस रैंक के आधार पर उन्हें भले ही IAS नहीं मिला, लेकिन वह एक IPS अधिकारी जरूर बन गईं।हालांकि, दिव्या का असली सपना IAS बनना था। इसलिए उन्होंने दोबारा परीक्षा देने का निश्चय किया और इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 105वीं रैंक हासिल की। इसी के साथ, मात्र 23 साल की उम्र में उनका IAS बनने का सपना साकार हो गया।


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