ऑपरेशन सिंदूर के साल भर बाद इतनी हो गई थी सोफिया कुरैशी की सैलरी, आठवे वेतन आयोग के बाद जी रही हैं ऐसी लाइफ
Colonel Sofiya Qureshi Salary: देश की सबसे चर्चित महिला अफसरों में शुमार कर्नल सोफिया कुरैशी साल भर पहले ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया भर में छा गई थीं। सोफिया के साहस और देशप्रेम को हर कोई सलाम करता है।

लड़कियों की रोल मॉडल सोफिया कुरैशी
सोफिया कुरैशी का आत्मविश्वास, लीडरशिप और सेवा भाव लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए मिसाल बन चुका है। लेकिन क्या आपके जहन में कभी आया कि कर्नल सोफिया कुरैशी की सैलरी कितनी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सोफिया कुरैशी को 8वे वेतन आयोग मिला और उनकी सैलरी काफी बढ़ गई है। आइए जानते हैं ऑपरेशन सिंदूर के साल भर बाद अब सोफिया कुरैशी कितनी सैलरी पा रही हैं।
सोफिया कुरैशी की सैलरी
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना के एक अहम पद पर आसीन हैं और उनकी बेसिक सैलरी ₹1,21,200 से लेकर ₹2,12,400 के बीच होती है। इसके साथ ही, भारतीय सेना में सेवा देने के लिए उन्हें कई अन्य भत्ते और लाभ भी मिलते हैं, जो उनकी कुल आय को और बढ़ाते हैं।
बोसिक पे से अलग भत्ते
कर्नल सोफिया कुरैशी को महंगाई भत्ते के तौर पर महंगाई के आधार पर एक राशि दी जाती है। इसके अतिरिक्त, उन्हें हर महीने 15,500 रुपये मिलिट्री सर्विस पे के तौर पर मिलते हैं, जो उनकी सेवा के लिए दिया जाता है।
फील्ड एरिया अलाउंस
भारतीय सेना के कर्मियों को मकान के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) मिलता है। इसके अलावा, कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे सैनिकों को रिस्क वाले एरिया में काम करने के कारण फील्ड एरिया अलाउंस भी दिया जाता है। यह भत्ता आमतौर पर ₹10,500 से लेकर ₹25,000 तक हो सकता है, जो उनकी तैनाती के स्थान पर निर्भर करता है।
8वे वेतन आयोग के बाद सोफिया कुरैशी की सैलरी
अब बात करते हैं 8वें वेतन आयोग की, जो आने वाले समय में लागू हो सकता है। माना जा रहा है कि इसके बाद सैलरी में 25% से 30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि कर्नल सोफिया कुरैशी को जो सैलरी अभी 1.45 लाख मिल रही है, वह बढ़कर 1.80 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकती है. 8वां वेतन लागू होने की फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार इसे जल्द ही जनवरी 2026 से लागू कर सकती है।
सोफिया कुरैशी का परिवार
कर्नल सोफिया कुरैशी उन दो महिला अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने भारत के सटीक हमले, 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का खुलासा किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कर्नल सोफिया कुरैशी की परदादी 1857 में हुए भारतीय विद्रोह का हिस्सा थीं? उनके पिता ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था? जी हां, सोफिया एक ऐसे परिवार से हैं, जो सैन्य परंपरा और राष्ट्र के लिए सेवा उनकी खून में बसी हुई है।
देश की सेवा करने की लंबी विरासत
गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया ऐसे परिवार से आती हैं, जिसके पास देश की सेवा करने की लंबी विरासत है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोफिया के दादा भारतीय सेना में रिलीजियस टीचर (आरटी) कैडर में सेवारत थे। सोफिया कुरैशी के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत को जीत दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी थी।
सोफिया कुरैशी के भाई बहन
सोफिया की परदादी के बारे में जानकर तो आप हैरान ही रह जाएंगे। सोफिया की परदादी 1857 के विद्रोह का हिस्सा थीं। यही नहीं, उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में भी सेवा की थी। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सोफिया के भाई ने खुलासा किया कि उनकी दूसरी बहन साइना कुरैशी भी भारतीय सेना में शामिल होने के लिए उत्सुक थीं, लेकिन अपनी लंबाई के कारण वह परीक्षा में सफल नहीं हो सकीं।
डिस्क्लेमर: ये जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से तैयार की गई है। फिल्मीबीट हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है।


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