प्रेमानंद जी महाराज से मिलने पहुंचे बागेश्वर बाबा, जाते-जाते लगाया गले और कहने लगे- 'अब ये जीवन रहे ना रहे...'

Bageshwar Baba Meet Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज इन दिनों अपनी तबीयत को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके भक्त भगवान से लगातार उनकी सेहत ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। हाल ही में बागेश्वर बाबा, प्रेमानंद जी महाराज से मिलने के लिए वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर स्थित उनके आश्रम केली कुंज पहुंचे। जहां जाकर उन्होंने प्रेमानंज जी का हालचाल लिया।
'मायाजाल में फंस गए थे'
प्रेमानंद जी से मिलने के लिए आए बागेश्वर बाबा ने भी खुद पीले वस्त्र पहने हुए थे। प्रेमानंद जी ने पूछा कि वो कैसे हैं तो बागेश्वर बाबा ने कहा कि मायाजाल में फंसे थे मुंबई में थे अब वापस आ गए हैं। इस पर प्रेमानंद जी कहते हैं कि भगवान के पार्षद तो लोगों को मायाजाल मुक्त करने जाते हैं। आप भगवान के पार्षद हैं... ठाकुर जी निजी जन हैं... जहां जाएं वहां भगवान नाम की महिमा की गर्जना करें तो उससे माया भाग जाती है। भगवान के नाम गुण में अपार सामर्थ्य है।
प्रेमानंद जी महाराज ने आगे कहा कि कानों से भगवद् कथा सुनने को मिल गई और जीभ से भगवान का नाम जपने को मिल गया तो ये तुरंत माया पर विजय प्राप्त करवा देंगे। अन्यथा दूसरा उपाय नहीं है।
अपने दादा के बार में बताया
बागेश्वर बाबा बोले- 'आपके दर्शन हो गए, खूब आनंद आ गया। आप तो यात्रा में ही हो, आपके कारण सब हो पाया है। आप सब महापुरुषों की दया है। हमारे दादा गुरुजी निर्मोही अखाड़ा के संत थे और हनुमान जी के साथ उनका साक्षात्कार हुआ था। अंतिम समय में हमें ये पोटली दे गए... संपत्ति के नाम पर। इसी पोटली के दम पर हम आप तक पहुंच पाए, संतों के बीच में। आप जैसे महापुरुषों की बस कृपा बनी रहे। मति ठीक बनी रहे।' इस पर प्रेमानंद जी बोले- 'सावधानी बस इतनी बनी रहे कि हमें ये ध्यान रहे कि हम किसके बच्चे हैं।'
अंत में प्रेमानंद जी ने बागेश्वर बाबा को गले लगाया और कहा कि पता नहीं जीवन रहे कि ना रहे।


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