आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के दिल में बसता था इंडिया, बाराबंकी के इस गांव से है ये खास रिश्ता? हैरान रह जाएंगे आप
Ayatollah Khamenei Barabanki Relation: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग में कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। इस जंग में अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और इस देश के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को मार दिया।

इसके बाद से ईरान गुस्से में है और जंग का ऐलान कर चुका है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका सरेंडर नहीं करता वो जंग जारी रखेगा। लेकिन इन सबके बीच मरहूम आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को लेकर ऐस खबर सामने आ रही है जिससे भारतीय भी हैरान होने वाले हैं।
क्या आप जाने हैं खामनेई का रिश्ता इंडिया के एक राज्य यूपी के जिला बाराबंकी से है। जी हां, इस जिले में एक गांव स्थित है दिसका नाम किंतूर है और इससे आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का खास रिश्ता है।
बाराबंकी से ख़ामेनेई का रिश्ता?
कई रिपोर्ट्स की मानें तो इंडिया से खामनेई को खास लगाव था और इसका कारण सिर्फ ये था कि उनके दादा सैयद अहमद मुसावी यहां रहते थे। जी हां, ये मामला 18वीं-19वीं सदी के दौरान का जब वो बाराबंकी के इस किंतूर गांव रहा करते। कहा जाता है उनके दादा ने अपने नाम के साथ 'हिंदी' शब्द भी जोड़ रखा था ताकि वो इस देश से अपना रिश्ता बनाए रखें और अपनी जड़ों के साथ जुड़े रहें। आज भी जानकारी हासिल करने पर गांव के कुछ बुजुर्ग उनके पुश्तैनी मकान का जिक्र करते हैं और कुछ पुराने दस्तावेज भी मौजूद हैं। यही कारण था कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के मौत की खबर सामने आने के बाद किंतूर गांव में सन्नटा पसर गया थआ।
क्या बोले गांव के लोग
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद किंतूर गांव के लोग दुखी हैं और यहीं के रहने वाले एक बुजुर्ग ने खामेनेई को लेकर कहा, उनकी मौत से सिर्फ ईरान को नहीं बल्कि पूरी दुनिया को नुकसान हुआ है। वो बड़े नेता था और धार्मिक भी थे। गांव के लोग लगातार उनको लेकर बातें कर रहे हैं।


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