5 साल का इंतजार होगा खत्म! क्रिकेटर संजय बांगड़ का बेटा एक सर्जरी करवाने के बाद पूरी तरह बन जाएगी बेटी
Anaya Bangar transition journey: क्रिकेटर और ट्रांस अधिकारों की पैरोकार अनाया बांगड़ अब अपनी जिंदगी के एक अहम मोड़ पर हैं। जिस सफर को उन्होंने अब तक अकेले तय किया, अब उसमें उनका पूरा परिवार मजबूती से उनके साथ खड़ा है। छोटे भाई अथर्वा पहले से ही उनका सहारा रहे हैं और अब माता-पिता- पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ और कश्मीरा बांगड़ भी इमोशनली और फाइनेंशियली दोनों तरीकों से उनको सपोर्ट कर रहे हैं।

अनाया ने बताया कि वह मार्च महीने में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (वैजिनोप्लास्टी) कराने जा रही हैं। यह सर्जरी थाईलैंड में होगी, जहां उन्हें लगभग एक महीने तक रुकना पड़ेगा। सर्जरी के बाद पूरी तरह से ठीक होने में समय लगेगा और करीब छह महीने तक वह क्रिकेट से दूर रहेंगी।
पांच साल का इंतजार अब खत्म
अनाया के लिए यह फैसला नया नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पिछले पांच सालों से इस पल का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा- 'अब जाकर मुझे लग रहा है कि मैं अपने असली रूप के करीब पहुंच रही हूं।'
परिवार का साथ बना सबसे बड़ी ताकत
अनाया ने साफ तौर पर कहा कि परिवार का सपोर्ट मिलने के बाद ही वह यह बड़ा कदम उठा पाईं। उनके मुताबिक, यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे लंबी थैरेपी, डॉक्टरों की सलाह और खुद को समझने का एक लंबा और गहरा प्रोसेस रहा है।
खुद को सुकून देने का फैसला
अनाया ने यह भी साफ किया कि यह सर्जरी किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं है। यह फैसला अपने शरीर और मन के साथ शांति महसूस करने के लिए है, न कि समाज को दिखाने के लिए।
रियलिटी शो से बदली स्थिति
पिछले साल रियलिटी शो Rise and Fall में हिस्सा लेने के बाद अनाया की जिंदगी में कई बदलाव आए। इस शो के जरिए उन्हें लोगों का सपोर्ट मिला और उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई। अनाया के पिता ने भी देखा कि लोग उनकी बेटी को सम्मान और एक्सेप्टेंस दे रहे हैं।
पिता उठाएंगे सर्जरी का खर्च
अनाया ने बताया कि अब उनके पिता उनकी सर्जरी का पूरा खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने माना कि एक समय ऐसा भी था जब वह यूके में बिल्कुल अकेली थीं और कई परिवारों में आज भी LGBTQ+ मुद्दों को लेकर झिझक बनी हुई है।
ट्रोलिंग पर अनाया का जवाब
अपने बयानों और विचारों पर उठने वाले सवालों पर अनाया ने कहा, 'कोई भी सिर्फ पब्लिसिटी के लिए इतना मुश्किल सफर नहीं चुनता। क्रिकेट में बराबरी की बात मैंने ध्यान पाने के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्षता के लिए उठाई है।'
आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता आसान करने की कोशिश
फिलहाल अनाया का पूरा ध्यान अपनी सेहत और रिकवरी पर है। उन्होंने कहा, 'अगर मेरी कहानी से किसी और इंसान के लिए भविष्य में यह सफर थोड़ा आसान हो जाए, तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत होगी।'


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