ट्रेन से 15 घंटे सफर करने के बाद अंग्रेजी बाबू की हालत हुई खराब, अस्पताल में करवाना पड़ रहा है इलाज

Viral Video: भारत में ट्रेन से सफर करना एक अमेरिकी ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर के लिए परेशानी का सबब बन गया। निक मैडॉक नाम के कंटेंट क्रिएटर ने हाल ही में कुछ ऐसा बताया, जिसे जानने के बाद भारत के लोग परेशान हो गए।
निक मैडॉक हाल ही में सीरियस रेस्पीरेटरी इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे - उनका दावा है कि वाराणसी से न्यू जलपाईगुड़ी तक 15 घंटे की स्लीपर ट्रेन यात्रा के कारण उन्हें यह इंफेक्शन हुआ था।
मैडॉक ने कहा, 'अब कभी नहीं'
अब वायरल हो रहे इंस्टाग्राम पोस्ट में, मैडॉक ने भूटान में अपने अस्पताल के बिस्तर से क्लिप शेयर की, जहां वो इस वक्त इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने अपने थर्ड एसी कोच के एक्सपीरिएंस को दुनिया भर में अपनी छह साल की जर्नी में सबसे गंदी जर्नी में से एक बताया।
भारतीय लोगों की गर्मजोशी और उदारता और देश की सांस्कृतिक समृद्धि को स्वीकार करने के बावजूद, मैडॉक ने ट्रेन की स्वच्छता को लेकर अपनी निराशा के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया, 'कोई हाई क्लास मौजूद नहीं थी, लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है।'
कंटेंट क्रिएटर ने सिर्फ अपनी चिंताएं ही नहीं जताईं-उन्होंने उनका रिकॉर्ड भी किया। ट्रेन के वॉशरूम के एक वीडियो क्लिप में मैडॉक ने साफ-साफ दिखाया कि वॉशरूम कितने गंदे थे। वीडियो में फर्श पर मानव मल और सिंक में उल्टी जैसी चीजें दिख रही थीं। मैडॉक के अनुसार, दो लोगों ने उन्हें ट्रेन से ट्रैवल करने की सलाह दी थी।
ये वीडियो तुरंत ऑनलाइन वायरल हो गया और लोगों ने इस पर मिले-जुले रिएक्शन दिए। जहां कई लोगों ने मैडॉक के लिए सहानुभूति जताई, वहीं कई और लोगों ने उन पर भारत को नकारात्मक रूप में दिखाने का आरोप लगाया ताकि लोग उनकी ओर आकर्षित हो सकें।
बढ़ती ट्रोलिंग का सामना करते हुए, मैडॉक ने जवाब देने में संकोच नहीं किया। उन्होंने एक कमेंट में लिखा, 'क्या यह पूछना बहुत ज्यादा है कि आप अपनी ट्रेन के फर्श से गंदगी के ढेर को साफ करें?' बाद में उन्होंने कहा, 'मुझे कभी भी गंदगी और उल्टी से भरे गंदे बाथरूम को गंदा कहने के लिए इतनी नफरत नहीं मिली।'


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