ओरिजिनल लिंक के नाम पर ठगी! 12 मिनट 46 सेकंड वीडियो का बड़ा खुलासा, जानिए पूरा खेल
12 Minute 46 Second 9 Minute 44 Second Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बार फिर कथित MMS वीडियो को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। पहले '19 मिनट 34 सेकंड वीडियो' और '7 मिनट 11 सेकंड वायरल वीडियो' जैसे ट्रेंड्स सामने आए थे और अब 12 मिनट 46 सेकंड और 9 मिनट 44 सेकंड के नाम से नए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे हैं। खासतौर पर इंस्टाग्राम पर इन वीडियो को लेकर खूब शोर मचा हुआ है।

इन वायरल दावों में कहा जा रहा है कि एक महिला का प्राइवेट वीडियो लीक हुआ है। कई यूज़र्स अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं और लोगों से कह रहे हैं कि अगर वे एक खास शब्द पर रिप्लाई करेंगे, तो उन्हें वीडियो का ओरिजिनल लिंक मिल जाएगा।
क्या सच में मौजूद है 12 मिनट 46 सेकंड का वीडियो?
जब इस वायरल दावे की सच्चाई की जांच की गई, तो फैक्ट चेक करने वालों ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई भी असली या प्रमाणित वीडियो मौजूद नहीं है। यह पूरा मामला एक ऑनलाइन स्कैम का हिस्सा है। फर्जी अकाउंट्स जानबूझकर वीडियो की लंबाई को सेकंड तक बताकर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, आजकल साइबर ठग ऐसे ही सटीक टाइमस्टैम्प वाले नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वीडियो असली लगे और लोग बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर दें।
लिंक पर क्लिक करते ही शुरू हो जाता है खेल
जैसे ही कोई यूज़र ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, उसे वीडियो नहीं दिखाया जाता। बल्कि वह कई संदिग्ध वेबसाइट्स पर पहुंच जाता है। इन वेबसाइट्स का मकसद लोगों की निजी जानकारी चुराना, फर्जी ऐप्स डाउनलोड करवाना या ब्राउज़र की खतरनाक परमिशन दिलवाना होता है। कई मामलों में फोन या लैपटॉप में मालवेयर तक इंस्टॉल हो सकता है।
वीडियो की लंबाई सेकंड तक बताने से लोगों को लगता है कि वीडियो सच में मौजूद है, और यही साइबर ठगों की सबसे बड़ी चाल होती है।
7 मिनट 11 सेकंड Mary Umair वीडियो का सच
कुछ दिन पहले '7 मिनट 11 सेकंड Mary Umair वीडियो' भी सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहा था। कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि यह पाकिस्तान से जुड़ा एक प्राइवेट MMS है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह दावा भी पूरी तरह गलत था।
असल में, वायरल किए जा रहे वीडियो क्लिप्स किसी पुराने ट्रैवल व्लॉग का हिस्सा थे, जिन्हें जानबूझकर गलत नाम और गलत कहानी के साथ फैलाया गया।
यूजर्स को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
ऐसे किसी भी कथित लीक वीडियो के लिंक पर क्लिक करने से बचें। अगर कोई अकाउंट "ओरिजिनल लिंक" देने का दावा करे, तो समझ लें कि यह एक स्कैम हो सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हर चीज़ सच नहीं होती।
थोड़ी सी सतर्कता आपको ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी और साइबर अटैक से बचा सकती है।


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