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पंकज उधास के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगें आप

Author Sandhya Yadav | Published: Monday, February 26, 2024, 09:13 PM [IST]

महान गजल गायक पंकज उधास के निधन पर दुनिया शोक मना रही है। एक ऐसी आवाज़ के साथ जो आत्मा में व्याप्त गहरी भावनाओं और धुनों को जगा सकती है, उन्होंने दशकों तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। पंकज उधास ने संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ते हुए लाखों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। यहाँ हम आपको पंकज उधास के उन तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगें।


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बने पहले भारतीय गायक

पंकज उधास ने साल 1984 में रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रदर्शन करने वाले पहले भारतीय गायक होने का गौरव प्राप्त किया था। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने खूब सराहा। लंदन टाइम्स ने उनके बारे में लिखा, "पंकज उधास एक अद्भुत गायक हैं। उनकी आवाज में एक जादुई गुण है जो आपको मंत्रमुग्ध कर देता है।"  

लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

पंकज उधास को साल 2001 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। यह उनके शानदार करियर और भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए एक ख़ास सम्मान था। उन्होंने 1980 में "आहत" एल्बम के साथ अपना करियर शुरू किया और "मुकर्रर", "तर्जुमन", "मेहफ़िल", "नयाब", "आफ़रीं" जैसे कई हिट एल्बम रिकॉर्ड किए।   

2018 में पद्म भूषण से हुए सम्मानित

पंकज उधास को 2018 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। यह उनके शानदार करियर और भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए एक ख़ास सम्मान था। पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जो कला, शिक्षा, साहित्य, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य और सार्वजनिक मामलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। पंकज उधास को यह पुरस्कार ग़ज़ल गायन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया था। उन्होंने 40 से अधिक वर्षों तक ग़ज़ल गायन में अपना योगदान दिया और लाखों लोगों के दिलों को छुआ।   

ये गीत हुआ ब्लॉकबस्टर

पंकज उधास का गाया "चिट्ठी आई है" उनका सबसे लोकप्रिय गीत है। यह गीत 1986 में आई फिल्म "नाम" का है। इस गीत को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने संगीतबद्ध किया था और आनंद बख्शी ने लिखा था। यह गीत अपने मधुर धुन और भावपूर्ण गीतों के लिए लोकप्रिय है। पंकज उधास ने इस गीत को बहुत खूबसूरती से गाया है। उनकी आवाज में एक जादुई गुण है जो आपको मंत्रमुग्ध कर देता है। 

 

कई रागों में गाये हैं गीत

पंकज उधास एक शास्त्रीय गायक भी थे और उन्होंने कई रागों में गाने गाए थे। उन्होंने ख्याल, ठुमरी, दादरा, भजन और ग़ज़ल जैसे विभिन्न शास्त्रीय और लोकप्रिय संगीत रूपों में गाने गाए थे। उन्होंने कई प्रसिद्ध रागों में गाया था, जिनमें यमन, भैरवी, कल्याण, खमाज, भैरव और मालकौंस शामिल हैं। उनकी शास्त्रीय गायन की कुछ लोकप्रिय रिकॉर्डिंग में "रंग-ए-गज़ल", "शास्त्रीय गज़लें" और "दिल-ए-नादान" शामिल हैं। 

 

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