YRKKH: अभिनव की मौत के बाद शेरनी की तरह दहाड़ी अक्षरा, चुगलखोर आंटियों की कर दी बोलती बंद

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Spoiler Alert: 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में अक्षरा के पति अभिनव की मौत हो चुकी है और धीरे-धीरे अक्षरा अपनी नॉर्मल जिंदगी में वापस लौटने की कोशिश कर रही है। इस वक्त शो में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है, जिसमें अक्षरा को अपमानित भी किया जा रहा है।

आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि पूजा में आई औरतें जानबूझकर अक्षरा को पूजा का सामान नहीं छूने देंगी। रात को 12 बजे जब घरवाले कान्हा की झांकी खोलने की बात कहेंगे तो वही औरतें उसे रोक देंगी और कहती हैं कि वो पूजा की कोई भी विधि नहीं कर सकती है, क्योंकि वो अभी-अभी विधवा हुई है। वो कहती हैं कि अभी एक साल भी नहीं हुआ और ये खुशियों में शामिल होने लगी है। किसी भी विधवा का इस तरह पूजा में शामिल होना शुभ नहीं होता।

अक्षरा के घरवाले अक्षरा का पक्ष लेंगे लेकिन वो औरतें चुप ही नहीं होतीं, तब जाकर अक्षरा अपने लिए खुद ही आवाज उठाती है। वो कहती है कि वो किसी भी ग्रंथ में दिखा दें कि जिसमें लिखा हो कि एक विधवा औरत कान्हा जी की पूजा नहीं कर सकती है। अगर वो एक भी जगह पर दिखा दें तो वो आज के बाद कान्हा जी की पूजा नहीं करेगी। इस पर वो औरतें कहती हैं कि वो ग्रन्थ नहीं जानतीं लेकिन लोक-लाज जरूर जानती हैं।

अक्षर कहती है कि ये रीति-रिवाज हम जैसे इंसानों ने ही बनाए हैं और वक्त के साथ इन्हें बदलना भी चाहिए। वो कहती है कि एक औरत को घेर कर उसके विधवा होने पर उसे ताने मारना और उसे पूजा में शामिल ना होने देना एक पाप है। फिर भी वो औरतें नहीं मानती हैं तो अक्षरा कहती है कि ये सभी नियम और कायदे औरतों के लिए ही क्यों है। किसी आदमी की पत्नी गुजर जाए तो यही सब आदमियों के साथ क्यों नहीं किया जाता?

अक्षरा कहेगी कि चाहे उसे कोई कितना भी रोके लेकिन वो इस समाज की कुरीति के खिलाफ खड़ी होगी। वो कहती है कि जब कान्हा जी ने कभी अपने भक्तों में कोई फर्क नहीं किया तो वो कौन होती हैं फर्क करने वाली। वो कहेगी कि वो अपनी पूजा उन महिलाओं जैसे पापियों का साया भी नहीं पड़ने देगी, इसलिए वो कहीं और जाकर पूजा करेगी और अक्षरा के साथ उसका पूरा परिवार खड़ा हो जाता है और वो लोग कहेंगे कि झांकी अगर खुलेगी तो अक्षरा के हाथ से ही खुलेगी। लेकिन वहां के लोग नहीं मानते हैं तो पूरा परिवार अक्षरा के साथ कहीं और जाकर जन्माष्टमी मनाने की बात कहता है।

दूसरी तरफ औरतें झांकी खोलने जाती हैं लेकिन खोल ही नहीं पाती हैं, क्योंकि उसमें गांठ पड़ जाती है। अभीर अपनी मां से कहता है कि अब वो ही कान्हा जी के दर्शन सबको करवाए। अक्षरा से एक ही बार में गांठ खुल जाती है और लोगों को कान्हा जी के दर्शन हो जाते हैं। यह देखकर वहां मौजूद औरतें कहती हैं कि अब कान्हा की आरती अक्षरा ही करेगी और सब उससे माफी मांगेंगी। अक्षरा सबके सामने कान्हा जी की आरती करती है और परिवार की सलामती की दुआ मांगती है।

टीवी जगत की और भी मनोरंजक और जानकारी से भरी खबरों को जानने के लिए यहां क्लिक करें

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X