ये रिश्ता क्या कहलाता है- अक्षरा के महराज जी का अकस्मात निधन!

शिवानी ने मीडिया को बताया जहां तक मुझे पता है बारिएट्रिक सर्जी एक बहुत ही मामूली सर्जरी है ये कोई बहुत गंभीर या क्रिटिकल सर्जरी नहीं है। ये सिर्फ वजन कम करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। पापा का ऑपरेशन करने से पहले डॉक्टर बहुत ही कॉंफिडेंट थे कि ये सर्जी बहुत ही आसानी से हो जाएगी और किसी तरह की कोई मुश्किल नहीं होगी। 23 अप्रैल को हमने पापा की सारी रिपोर्ट्स के साथ पापा को अस्पताल में एडमिट किया और डॉक्टरों पर भरोसा करके कहा कि वो सर्जरी की तैयारी करें। लेकिन सर्जरी के तुरंत बात ही पापा को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। डॉक्टरों ने कि कहा कि कुछ परेशानियां हैं लेकिन ये दो तीन दिन में ठीक हो जाएंगी। हमने फिर डॉक्टरों पर भरोसा किया। लेकिन पापा सर्जरी के तीन बाद तक ठीक नहीं हुए।
फिर मुझे कुछ अजीब सा लगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ है पापा को। कल जब मैं अस्पताल पहुंची तो पापा को वेंटिलेटर पर देखा मुझे तब और हैरानी हुई और आज सुबह ही डॉक्टरों ने मुझसे बोला कि पापा का दिमाग डैमेज हो गया है। मुझे ये सबकुछ बहुत ही अजीब और गलत लग रहा है। कहीं ना कहीं कुछ तो गड़बड़ है क्योंकि पापा के निधन के बाद अस्पताल ने मुझसे किसी भी चीज का पैसा नहीं मांगा, ना ही एंबुलेंस का ना ही किसी और चीज का। हमने पापा की सर्जरी का अमाउँट पहले ही दे दिया था लेकिन उसके बाद किसी भी तरह के चार्जेस अस्पताल ने नहीं मांगे। मुझे अभी तक यकीन नहीं हो रहा है कि एक छोटे से ऑपरेशन से इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
ज्ञात हो कि शिवानी इससे पहले पांच साल पहले अपनी मां भी खो चुकी हैं। अब अपने पिता को खोने के बाद शिवानी काफी दुखी हैं।


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