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ये है मोहब्बतें..प्यार..परिवार और दीवार.कोई इस कन्फ्यूजन से बचाओ !

Written By: Shweta
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ये है मोहब्बतें टीआरपी चार्ट में भले झंडे गाड़ रही हो लेकिन सीरियल में एक के बाद इतनी सारी कहानियां चल रही हैं कि कुछ भी समझ पाना मुश्किल है। मां बेटी से लेकर पति-पत्नी, दोस्त (मणी-इशिता) सभी के रिश्तों में सिर्फ कन्फ्यूजन ही है।

इधर रूही को ही देख लीजिए उसे अपने परिवार से प्यार है लेकिन नहीं रहना साथ सबकुछ और सारी सच्चाई जानते हुए भी।साथ ही साथ शगुन को भी पता है कि एक ना एक दिन रमन और इशिता को एक होना ही है लेकिन नहीं सब एक दबसर् से अनजान है सब कुछ जानते हैं।

[ये है मोहब्बतें..इशिता बनी इशी मां से मां काली..!]

इधर नीधी सातवें आसमान पर है, उसे रूही का साथ जो मिल रहा है।बस कन्फ्यूज तो इस मामले की जज कि सब कुछ सही होते हुए भी ऐसा कैसे हो गया। सब कुछ सही होते हुए भी सब गड़बड़ ही है।

शगुन को पीहू और रमन को लेकर इशिता से काफी असुरक्षित महसूस करती है और वो इशिता को बता भी देती है। बहरहाल आप आगे की स्लाइड्स पर देखिए फिलहाल क्या कुछ हो रहा ये है मोहब्बतें में

हंगामा जारी

हंगामा जारी

कोर्ट में इशिता सबको खासकर रूही को और जज को समझाने की कोशिश करती है कि कैसे नीधी ने उसे परिवार के खिलाफ भड़का दिया है। जज भी वही होती है जिसने रूही के कस्टडी का केस देखा था लिहाजा वो भी कन्फ्यूज।

रूही ने निकाली भड़ास

रूही ने निकाली भड़ास

रूही ने अपनी पूरी भड़ास निकाल ली की आखिर कैसे उसे नीधी को देकर इशिता अपनी बेटी वापस लेती है और उसे छोड़ दिया गया । नीधी तो बस तमाशा इंज्वॉय करती है।

बस पीहू ही है..

बस पीहू ही है..

एक बस पीहू ही है जिससे रूही नफरत नहीं करती और उसकी हर बात सर आंखो पर।

पीहू के लिए प्यार

पीहू के लिए प्यार

पीहू रूही को बोलती है कि वो घर आ जाए। पापा उसे भी प्यार करेंगे। रूही और पीहू के कोर्टरूम के बाहर का सीन वाकई काफी प्यारा था।

पीहू और इशिता

पीहू और इशिता

पीहू को बैठ देखकर इशिता वहां आ जाती है और उससे बातें करने लगती है। अब पीहू और इशिता थोड़े भी क्लोज हो जाएं ये शगुन कैसे बर्दाश्त कर सकती है। वो वहां से लेकर पीहू को चली जाती है और इशिता को कुछ समझ नहीं आता।

नीधी को पड़ी चप्पल

नीधी को पड़ी चप्पल

नीधी को कोर्ट के बीच में चप्पल पड़ गई। और ये कारनामा किसी और ने नहीं बल्कि संतोषी जी ने किया। इतना ही रूही को समझाने के बाद भी रूही कुछ समझने के लिए तैयार ही नहीं हुई।

रूही ने उलटे सुनाया

रूही ने उलटे सुनाया

समझने समाझाने की बात तो छोड़िए रूही की नफरत इस कदर बढ़ी है कि वो कुछ समझना समझाना ही नहीं चाहती।उलटे कोर्ट में खड़े हर शख्स दादी सहित सबको सुनाया।

जज ने बुलाया

जज ने बुलाया

इस केस की जज वही होती है जिन्होंने रूही की कस्टडी इशिता को दी थी इसलिए वो रमन और इशिता को बुलाकर उनसे बात करती हैं।

मिली राहत

मिली राहत

जज रमन और इशिता को 30 दिन की मोहलत देती हैं कि इतने वक्त में वो रूही को मना ले वापस घर आने के लिए नहीं तो कस्टडी नीधी को मिल जाएगी।

आगे क्या

आगे क्या

आगे सीरियल आप देखेंगे कि कैसे रमन और इशिता सहित पूरा परिवार रूही को मनाने में लग जाएगा।इधर शगुन खुद को इशिता से असुरक्षित महसूस करती है और ये बात वो खुद इशिता को बताएगी तो इशिता का रिएक्शन देखना देखने लायक होगा।

English summary
Ruhi opposes her parents in court but Judge gives 30 days to convince Ruhi to return home.
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