For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    महिला दिवस विशेष: महिला किरदारों ने रचा इतिहास..

    |

    आज महिला दिवस है ऐसे में उन महिलाओं का जिक्र ना हो जिन्होंने किरदारों में सजकर महिलाओं की समस्या, उसकी खूबसूरती, उसकी अच्छाई और बुराई को लोगों और समाज के सामने रखा, जिसके कारण कुछ हद तक समाज की सोच में बदलाव आया है। जी हां हम बात कर रहे टीवी चैनलों पर चल रहे डेली सोप की। जो धड़ल्ले से द्रोपदी की साड़ी की तरह चले जा रहे हैं बिना कहीं रूके, सुंदरता और कामयाबी के साथ।

    कहते हैं टीवी और फिल्मों में वो ही दिखाया जाता है जो कि समाज में घटित हो रहा है जो काफी हद तक सही भी है।आज टीवी चैनलों पर ऐसे बहुत सारे शो हैं जो कि समाज में फैली कुरीतियों को लोगों के सामने ला रहे हैं। टीवी पर महिला किरदार और नारी प्रधान शो का बोलबाला है।

    जानते हैं क्यों? क्योंकि टीवी चैनलों की आधे से ज्यादा दर्शक महिला वर्ग है। जो कि डेली सोप की कहानी को कहीं ना कहीं अपने जीवन से जोड़कर देखती है। उसे लगता है कि जो किरदार कहानी में हैं वो उसका चेहरा है।

    आजकल हर लड़की टीवी शो की हिरोईन की तरह सजना चाहती है, संवरना चाहती है। यह रवैया छोटे शहरों में बहुतायत में देखा जा रहा है। जिसके चलते कहीं-कहीं चीजें सफल भी हुई हैं। लड़कियों ने शो की हिरोईन को कॉपी करते-करते अन्याय के खिलाफ बोलना भी शुरू कर दिया है।

    आईेये टीवी शो के ऐसे ही अमर किरदारों को हम दिल से सलाम करें।

    आनंदी ( बालिका-वधू)

    आनंदी ( बालिका-वधू)

    महिला दिवस पर अगर कलर्स के शो बालिका वधू की बात ना हो.. तो हर चीज बेमानी। पिछले कई सालों से नंबर वन शो बना बालिका वधू की मुख्य किरदार आनंदी आज हर शहर और हर गांव की पसंद है।

    बाल-विवाह के कारण होने वाले बचपन का खात्मा और इस विवाह के बाद बेटियों के जीवन पर पड़ने वाले बुरे असर को जिस तरह से आनंदी के रूप में लोगों को दिखाया गया उससे काफी हद तक लोग अब बाल-विवाह की बुराईयों को समझ रहे हैं। गांव की असहाय लड़किया भी अब विवाह का विरोध कर रही हैं और पढा़ई को महत्व दे रही हैं।

    आरती (पुनर्विवाह)

    आरती (पुनर्विवाह)

    जी टीवी पर प्रसारित होने वाला हर दिल अजीज शो पुनर्विवाह.. उन तलाकशुदा महिलाओं के लिए अच्छा उदाहरण है। जो सोचती हैं कि तलाक के बाद उनकी जिंदगी खत्म हो गयी है। उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का कोई अधिकार नहीं है।

    शो की मुख्य हिरोईन आरती आज की लड़की है जो अपने पहले पति को छोड़कर..अपने बच्चे के लिए जीवन में आगे बढ़ती है। और शादी करती है। आरती का किरदार एक आशा और उम्मीद का प्रतीक है।

    अक्षरा( यह रिश्ता क्या कहलाता है)

    अक्षरा( यह रिश्ता क्या कहलाता है)

    यह रिश्ता क्या कहलाता है..की अक्षरा यह साबित करती है कि प्रेम विवाह के बिना मां-बाप की मर्जी से की गयी शादी भी सक्सेसफुल होती है।

    अक्षरा की तरह आज की लड़कियां पढीलिखी और संस्कारी बनना चाहती हैं ताकी वो अच्छी बेटी, बहू, बहन, बीवी और मां बन सके।

    संध्या( दीया और बाती हम)

    संध्या( दीया और बाती हम)

    दीया और बाती हम.. की संध्या भी लोगों के लिए धैर्य और साहस का प्रतीक है जो प्रेम और अपनी समझ से लोगों के सामने आगे बढ़ने वाली महिला की तस्वीर पेश करती है जो कि विपरीत हालात में भी पीछे नहीं हटती।

    अपने त्याग और समर्पण के चलते वो एक बेमेल शादी को भी कामयाब बनाती है।

    खुशी( इस प्यार को क्या नाम दूं)

    खुशी( इस प्यार को क्या नाम दूं)

    इस प्यार को क्या नाम दूं. की चंचल, शोख खुशी आज हर लड़की की पसंद है इसलिए आज की लड़कियां खुशी की तरह ही बहादुर और प्यारी बनना चाहती है।

    खुशी यह बताती है कि गरीबी में भी इंसान मुस्कुरा सकता है और उसे किसी भी छोटे काम को ईमानदारी से करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।

    English summary
    International Women's Day is being celebrated on March 8. It is a special day for all women. Here Are some Special Tv soaps Women.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X