'टीवी शो के मुकाबले फिल्म बनाना आसान'
फिल्म बर्फी की सफलता ने निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु को उस मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां पहुंचना हर किसी के बस में नहीं होता है। लेकिन अपनी इस सफलता को दर्शकों का प्रेम मानने वाले अनुराग बसु की नजर में टीवी पर काम करने की तुलना में फिल्मों में काम करना काफी आसान है। आपमें से काफी कम लोगों को पता होगा कि अनुराग बसु ने अपने करियर की शुरूआत साल 1996 के हिट शो 'तारा' से की थी।
मालूम हो कि टेलीविजन रियलटी शो 'स्टार बेस्टसेलर्स' और 'कोशिश.. एक आशा' का निर्देशन करने वाले अनुराग ने बड़े पर्दे पर अपनी पहली फिल्म 'साया' वर्ष 2003 में अभिनेता जॉन अब्राहम और अभिनेत्री तारा शर्मा के साथ बनाई थी।

10वें इंडियन टैली अवार्ड में शिरकत करने शनिवार को यहां पहुंचे अनुराग ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे नहीं लगता कि फिल्में धारावाहिक से अधिक बेहतर हैं। मैं नहीं जानता कि लोग ऐसा क्यों कहते हैं? मैं फिल्में बनाता हूं, लेकिन मेरा यकीन कीजिये, फिल्म बनाना टेलीविजन पर धारावाहिक बनाने से अधिक कठिन होता है।"
उन्होंने कहा, "मेरा संबंध छोटे पर्दे से भी रहा है। बतौर निर्देशक मेरी शुरुआत यहीं से हुई। कभी-कभी मुझे बुरा लगता है कि हमारे वक्त में ऐसे अवार्ड समारोह नहीं थे। हमने छोटे पर्दे पर बहुत मेहनत की थी, लेकिन हमें कभी पुरस्कार नहीं मिला।"
बसु इस समय टीवी चैनल जीटीवी पर प्रसारित होने वाले शो 'इंडियास बेस्ट ड्रामेबाज' में अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और विवेक ओबरॉय के साथ सह निर्णायक की भूमिका निभा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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