कभी हुआ मिसकैरेज तो कभी नहीं बना बच्चे का दिल, शादी के 21 साल बाद भी मां नहीं बन पा रहीं ये एक्ट्रेस
Reena Kapoor Faced Two Miscarriage: 'वो रहने वाली महलों की' सीरियल की एक्ट्रेस रीमा कपूर को तो आप जानते ही होंगे। पर्दे पर उनकी सादगी ही सब कुछ हुआ करती थी। लेकिन आज हम आपको उनकी निजी जिंदगी के बारे में बताने वाले हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि रीना कपूर ने अरेंज मैरिज की थी। उन्हीं के परिवार के गुरु जी द्वारा उनके लिए पायलट करण निझेर का रिश्ता ढूंढा गया। एक वक्त था जब वह शादी से बहुत डरती थी और अपने आसपास बहुत ज्यादा तलाक देखने के बाद में उन पर इसका गहरा असर पड़ा था। उन्होंने खुद भी इस बारे में बताया था कि उन्हें शादी फोबिया हो गया था।
टेली मसाला के साथ बातचीत के दौरान रीना कपूर ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बात की और बताया कि "मैं जब अपने पति कारण से पहली बार मिली तब बिल्कुल भी अच्छा बर्ताव नहीं किया था। वह बहुत ही ज्यादा पॉजिटिव थे और उन्होंने फिर भी मुझे समझा।"
रीना कपूर ने आगे यह भी कहा कि "वह बिल्कुल मेरे जैसे हैं, बहुत ज्यादा सोशल नहीं है और मेरी तरह स्पिरिचुअल भी है। ज्यादा पार्टी नहीं करते हैं। उनसे मिलकर मुझे ऐसा लगा कि हम पहले क्यों नहीं मिले। जहां मैं शादी को लेकर इतना डरती थी आज मुझे ऐसा लगता है कि स्पेस वाली चीज क्या होती है।"
अभिनेत्री बताती है कि "मेरे ससुराल वाले इतने ज्यादा एजुकेटेड और इतने ज्यादा समझदार हैं कि आप उम्मीद भी नहीं कर सकते हो। वह मेरे एक्टिंग करियर पर भी बहुत प्राउड करते हैं और उन्हें कभी भी इस बात से कोई दिक्कत नहीं रही। वह मेरा शो भी देखे थे।"
रीना कपूर ने साल 2005 में शादी कर ली थी और अब उनकी शादी को 21 साल हो चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई भी बच्चा नहीं हुआ है और इसकी वजह भी उन्होंने बताई कि यह शायद उनके लिए नहीं है। एक्ट्रेस ने बताया की शादी के बाद में उन्होंने बच्चा करने की दो बार कोशिश की थी लेकिन नाकामयाब हुई। उनका दो बार मिसकैरेज हुआ था और कंसीव होने के बावजूद भी बच्चे का दिल नहीं बन पाया।
रीना ने इस पर बात करते हुए कहा कि "हमने दो बार कोशिश की थी लेकिन नहीं हो पाया। क्योंकि हम नेचुरल तरीके से बच्चा करना चाहते थे। लेकिन शायद हमारी किस्मत में ही नहीं था। ऐसा नहीं है की शादी का अगला पड़ाव बच्चा ही होता है। अगर बच्चे नहीं तो कोई लाइफ ही नहीं है।"
रीना ने आगे यह भी कहा कि "हम मेडिकल सेंटर के चक्कर नहीं काटना चाहते थे। ऐसा इसीलिए क्योंकि कंसीव करने के बाद में जब बच्चे का दिल ही नहीं बन पाया तो डॉक्टर भी इसमें क्या करेंगे। लेकिन मैं रोई नहीं और मुझे दुख जरूर हुआ था लेकिन गुरुजी के आशीर्वाद से हमने मूव ऑन कर लिया।"


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