कोई कितना भी मज़ाक उड़ा ले..दुनिया तो इन्हीं की दिवानी है!
जबसे कॉमेडी नाइट्स बचाओ में तनिष्ठा चटर्जी के रंग पर कमेंट करने की खबरें सामने आई हैं तभी से रंगभेद का मुद्दा एक बार फिर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। एक्टर हों या एक्ट्रेस हर कोई इस मुद्दे पर अपनी अपनी राय दे रहा है। तनिष्ठा को काली कलूटी कहने के पीछे असल में क्या राज़ है ये तो वो ही जानें।

लेकिन आज हम आपको उन सफल टीवी एक्ट्रेसेस से रू-ब-रू कराने जा रहे हैं जिन्होंने अपने सांवले रंग होने के बावजूद भी ऊंचाइयां छूने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
राजश्री ठाकुर
अपने पहले ही धारावाहिक 'सात फेरे' से सलोनी के रूप में घर-घर में मशहूर हुईं राजश्री ठाकुर के लिए मानों सांवलापन वरदान साबित हुआ। सीरियल 'सात फेरे' की सलोनी की इमेज बहुत स्ट्रॉन्ग रही है।
पारुल चौहान
सीरियल बिदाई में एक सांवली लड़की का रोल अदा करने वाली पारुल को तो आप जानते ही होंगे। इनके लिए भी मानों सांवलापन फायदा का सौदा रहा।
रश्मि घोष
क्योंकि सास भी कभी बहु थी में भूमि का किरदार निभानेवाली रश्मि के लिए उनका सांवलापन बीच में नहीं आया। और सांवलेपन के साथ ही उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई है।
अनिता हसनंदानी
अनीता हसनंदानी की सफलता के बारे में कौन नहीं जानता होगा। सांवले लोग अपने रंग को लेकर ज्यादा दुखी होते हैं तो ज़रा इनसे सीख लें।
राजश्री रानी पांडे
सीरियल सुहानी सी एक लड़की में सुहानी का किदरार निभाने वाली राजश्री को ये रोल सिर्फ उनके रंग के आधार पर मिला था। कौन कहेगा कि सांवला होना नुकसान का सौदा है।
दीपिका कक्कड़
टीवी की बेस्ट बहुओं में से एक सिमर यानि दीपिका कक्कड़ का रंग भी ज्यादा साफ नहीं है। अब आप खुद ही देख लीजिए कितनों घर की चहेती बन चुकी हैं दीपिका।
अश्विनी कलसेकर
अश्विनी कलसेकर की उड़ान में भी कभी उनके सांवलेपन ने बाधा नहीं पहुंचाई और आज एक बेहतरीन अभिनेत्रियों में शुमार हैं अश्विनी।


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