सोनी और सब टीवी के स्टार्स सायंतनी, अनूप उपाध्याय, युक्ति कपूर, आदित्य देशमुख ने बांटी जन्माष्टमी की यादें

30 अगस्त को पूरा देश श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जन्माष्टमी का त्योहार मनाएगा। और इस मौके पर अगर कोई आप के साथ इस जश्न का हिस्सा होगा तो वो होंगे टीवी के सितारे। टीवी पर भी इस समय लगभग हर सीरियल में जन्माष्टमी की धूम मच चुकी है। और अब सोनी टीवी और सब टीवी के स्टार्स ने इस त्योहार से जुड़ी अपनी यादें शेयर की हैं।

तेरा यार हूं मैं सीरियल में दलजीत की भूमिका निभाने वाली सायंतनी के लिए पहली दही हांडी बेहद रोमांचक थी तो वहीं मैडम सर जी में सब इंस्पेक्टर करिश्मा सिंह की भूमिका में दिखने वाली अभिनेत्री युक्ति कपूर के लिए जन्माष्टमी परिवार के साथ मंदिर दर्शन का अवसर होता था।

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सीरियल जीजा जी छप पर हैं के जल्दीराम शर्मा यानि कि एक्टर अनूप उपाध्याय के लिए जन्माष्टमी के प्रसाद और दोस्तों के साथ बचपन की यादें बेहद खास हैं तो वहीं ज़िद्दी दिल माने ना के स्पेशल एजेंट फैज़ी यानि कि एक्टर आदित्य देशमुख हर साल जन्माष्टमी के समय होने वाली स्कूल की परीक्षाओं को याद किए बिना नहीं रह सकें।

पढ़िए इन टीवी स्टार्स की जन्माष्टमी से जुड़ी खास यादें

युक्ति कपूर - मैडम सर जी

युक्ति कपूर - मैडम सर जी

युक्ति बताती हैं - जब मैं छोटी थी तो, हम हर साल अपने घर के पास वाले मंदिर में जाते थे, जहां पर जन्‍मा‍ष्‍टमी का त्‍यौहार मनाया जाता था। इस अवसर पर मंदिर में भगवान कृष्‍ण के जन्‍म की कहानी सुनाई जाती थी। कई लोग अलग-अलग किरदारों की तरह सजते भी थे। मैं राधा बनती थी और मेरा बेस्‍ट फ्रेंड भगवान कृष्‍ण। हम सभी को बहुत मजा आता था। हम खूब मस्‍ती करते थे और आज भी बचपन की ये यादें मुझे खुशी देती हैं। मैं जब मुंबई आई थी, तो पहली बार मैंने दही-हांडी देखी। मैं उन लोगों को सच में सलाम करती हूं, जो इतने बड़े ह्युमन पिरामिड बनाने का हौसला दिखाते हैं। लोगों को मटका फोड़ते देखने का अनुभव बहुत रोमांचक होता है।

आदित्य देशमुख - ज़िद्दी दिल माने ना

आदित्य देशमुख - ज़िद्दी दिल माने ना

आदित्य देशमुख, बचपन के दिनों को याद करते हुए बताते हैं - मुझे याद है कि आमतौर पर, जन्‍माष्‍टमी के समय हर साल मेरी परीक्षाओं के दिन हुआ करते थे और मैं इन सभी सेलीब्रेशन को मिस करता था। मुझे मेरे पापा द्वारा बनाया गया प्रसाद 'सुंदिम' बहुत याद आता है, जो वो आधी रात को बनाते थे। यह ब्राह्मण महाराष्ट्रियन परिवार में निभाई जाने वाली एक परंपरा है। जन्‍माष्‍टमी के दौरान प्रसाद बनाने की बहुत अहमियत है, क्‍योंकि यह भगवान कृष्‍ण का जन्‍मदिन होता है। जन्‍मा‍ष्‍टमी के अगले दिन दही हांडी में भाग लेना भी मेरा खुशनुमा यादों में से एक है। एक-दूसरे पर चढ़कर, ह्यूमन पिरामिड बनाने और मटका फोड़ने के बारे में सोचकर मैं आज भी रोमांचित हो जाता हूं। उन दिनों की यादें मेरे लिये अनमोल हैं। यदि जिंदगी में कोई रिवाइंड बटन होता, तो मैं अपने बचपन के उन मस्‍ती भरे दिनों में दोबारा लौटना चाहूंगा।

अनूप उपाध्याय - जीजा जी छप पर हैं

अनूप उपाध्याय - जीजा जी छप पर हैं

अनूप उपाध्याय, घर की जन्माष्टमी याद करते हुए कहते हैं - मेरे होमटाऊन गंज दंडवारा में, जन्‍माष्‍टमी हमेशा ही बहुत धूम-धाम से मनाई जाती थी। सभी मंदिरों को पूरी तरह से सजाया जाता का और सभी लोग अपने घरों को भी सजाया करते थे। मैं और मेरे दोस्‍त हर घर से प्रसाद इकट्ठा करते थे और उन्‍हें मजे से खाते थे। मिठाई हर बच्‍चे को पसंद होती है और मुझे आज भी यह बेहद पसंद है। इस दिन मिठाई खाने पर कोई पाबंदी नहीं होती थी। जन्‍माष्‍टमी के दिन पूरा शहर उत्‍साह से भरपूर नजर आता था, जो मुझे बहुत अच्‍छा लगता था। मुझे आज भी उन दिनों को याद करके खुशी होती है।

मुंंबई की दही हांडी

मुंंबई की दही हांडी

अनूप आगे बताते हैं -बीते वर्षों में, मैंने मुंबई में दही हांडी देखने का आनंद उठाया है। मैं अपने प्रशंसकों एवं दर्शकों से विशेष अनुरोध करना चाहूंगा कि इस साल दही हांडी के लिये ह्यूमन पिरामिड बनाते समय ज्‍यादा सावधान एवं सतर्क रहें। जन्‍माष्‍टमी के पावन अवसर पर मेरी ओर से सभी लोगों को ढेर सारी शुभकामनायें।

सायंतनी घोष - तेरा यार हूं मैं

सायंतनी घोष - तेरा यार हूं मैं

सायंतनी घोष बताती हैं, "बचपन के दिनों में मैं मंदिरों में जाया करती थी और ढेरों रस्‍मों एवं समारोहों में भाग लेती थी। हम हर त्‍योहार को बहुत ही धूमधाम और उत्‍साह के साथ मनाते थे। मैं भगवान कृष्‍ण द्वारा दिये गये ज्ञान को बहुत मानती हूं और उनके साथ जुड़ाव महसूस करती हूं। उन्‍होंने जो ज्ञान दिया है, वह बेहद प्रासंगिक और वास्‍तविक है। इसके अलावा, उनका नटखट एवं विविधतापूर्ण व्‍यक्तित्‍व उन्‍हें अत्‍यधिक वास्‍तविक बनाता है और उनके आकर्षण को बढ़ाता है"

पहली दाही हांडी

पहली दाही हांडी

सायंतनी अपने पहले दही हांडी अनुभव को याद करते हुए कहती हैं, "मैंने जब दही हांडी के कार्यक्रम के लिये पहला ह्यूमन पिरामिड देखा था, तो मैं पूरी तरह से अवाक् रह गई थी। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस तरह का कुछ किया जा सकता है। उस कार्यक्रम में जिस तरह की एनर्जी होती है, वो मैंने पहले कभी नहीं देखी था। इस साल, मैं अपने सभी प्रशंसकों एवं दर्शकों को शुभकामनायें देना चाहूंगी। मेरी ओर से सभी लोगों को जन्‍माष्‍टमी की बधाईयां।"

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