लेजेंड्स ऑफ रामायण विद अमीश Review: भगवान राम के होने का प्रमाण देता हुआ अनदेखा रामायण
शो- लेजेंड्स ऑफ़ रामायण विद अमीश
चैनल- Discovery+ डिस्कवरी प्लस

रामायण में भगवान राम के जीवन की हकीकत को आंखों देखी देखने की केवल कल्पना की जा सकती है। भगवान राम क्या थे, कैसे उन्होंने दानवों का नाश किया, सीता के साथ उनका विवाह और अयोध्या के महाराजा के महापुरुष बनने की गाथा कोई कहानी है या फिर एक अनोखा सच? इसी को पूरी निष्ठा और प्रमाण के साथ पेश करता है, डिस्कवरी प्लस का शो लीजेंड ऑफ रामायण विद अमीश।
रामायण पर कई सारे टीवी शो बन चुके हैं। ऐसे में इस रामायण में नयापन वर्तमान का सच लाती है। वो जगहें नजर आती हैं जहां राम- सीता के होना का अहसास आज भी महसूस किया जाता है। राम नाम की भक्ति, शक्ति और निशानियां हैं जो यह बताती हैं कि भगवान राम के होने की पहली छाप आज भी अयोध्या, चित्रकुट, प्रयागराज के साथ कई स्थानों पर मौजूद है।
लोकप्रिय लेखक अमीश त्रिपाठी रामायण के अद्भुत सफर पर लेकर जाते हैं। रामायण के प्रमुख हिस्सों, प्रमुख किरदारों की व्याख्या के जरिए राम के जीवन से जुड़े हर किरदार को खंगालने की कवायद करते हैं। वो भी उन लेखकों और जानकारों के जरिए जो खुद राम के जीवन पर अध्ययन कर चुके हैं। 3 एपिसोड में राम और सीता का मिलन। कैकई ने राम से 14 साल का वनवास क्यों मांगा, क्या चाहती थीं सूर्पनखा, रावण के बदले के साथ उन धार्मिक स्थलों को भी दिखाया गया है जहां पर राम नाम की महिमा का आज भी गुणगान होता है।
राम के जीवन से परिचय कराती हुई वीएफएक्स की कला भी देखने को मिलती है जो कि भगवान राम से जुड़े हर नई जगह और जानकारी के लिए आपकी रूचि को बढ़ाती है। शो के सह-निर्देश सुजाता कुलश्रेष्ठ और अभिमन्यु तिवारी ने रामायण की कहानी को उनके वर्तमान से जोड़ कर दिखाया है। उन तीर्थ स्थान को देखना दिलचस्प होता है जहां राम अपनी सभा लगाते थे। जहां छिपा है गोदावरी नदी का पानी। कुछ ऐसे ही रामायण के अनसुने किस्सों को सबूतों के साथ पिरोया गया है।
गौतम बुद्ध और भगवान राम का वंश, राम की बहन शांता का वर्णन, कैकेयी का दिया हुआ महल जैसे कई सारे अमूल्य जगह रामायण की मौजूदगी को पक्का करते हुए दिखाई पड़ते हैं। कुल मिलाकर बात की जाए तो 3 एपिसोड का यह शो भगवान राम के होने की हकीकत को दिखाता है। लेखक,इतिहासकार और वैज्ञानिकों से की गई बातचीत रामायण युग के होने का प्रमाण कई बार देती है। आपके मन में कोई सवाल नहीं उठने देती। कमी खलती तो इस बात की है कि इसे विस्तार से और भी बारीकी से पेश किया जा सकता था। तीर्थ स्थानों के संबंध में और जानने की इच्छा सीरीज को देखने के दौरान होती है। जिसकी कमी खलती है।
क्यों देखें- अगर भगवान राम के जीवन को कहानी नहीं बल्कि डॅाक्यूमेंट्री की तरह इतिहास, विज्ञान , प्रमाण और भक्ति के नजरिए से देखना चाहते हैं तो आप इसे देख सकते हैं।


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