शक्ल की अहमियत अधिक : श्रेया घोषाल

घोषाल को सबसे पहले उस वक्त पहचान मिली जब उन्होंने टीवीएस सारेगामा में हिस्सा लिया था। इसके बाद संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में गाये गीत बैरी पिया ने उन्हें उनका पहला राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया और वह बहुत लोकप्रिय भी हो गयीं। अब वह सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो एक्स फैक्टर की जज हैं।
घोषाल ने कहा कि जब मैंने सारागेमा में हिस्सा लिया था। तब मैं बच्ची थी और यह कोई रियलिटी शो नहीं था। वहां एसएमएस या वोट के जरिये चुनाव नहीं होते थे। मुझे याद है कि उस वक्त उस्ताद विलायत खां और अनिल बिस्वास जैसे जज थे। जिन्होंने भारतीय संगीत की संस्था बनाई थी। उनके सामने गाना बहुत बड़ी बात थी। हम यह सब कहां जानते थे कि पहनावा कैसा हो और दूसरी किन बातों पर ध्यान देना है। टेलीविजन के विस्तार हासिल कर लेने के बाद ये सारी चीजें आयी हैं।
वर्तमान में यह व्यवसायिक खेल बन गया है। इसमें कई लोग हैं और वे इस पर ज्यादा ध्यान देते हैं कि वे कितने आकर्षक दिख रहे हैं। घोषाल इससे पहले स्टार ह्वाइस ऑफ इंडिया, छोटे उस्ताद की जज रह चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि एक्स फैक्टर में इस बार दर्शकों को बिल्कुल नये तरीके से सारी चीजें देखने को मिल रही हैं और आगे मिलती रहेंगी।
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