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    मुंबई डायरीज़ 26/11 रिव्यू- दमदार अदाकारी के साथ बांधे रखती है मोहित रैना और कोंकणा सेन शर्मा की ये सीरिज

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    Rating:
    3.5/5

    निर्देशक - निखिल आडवाणी और निखिल गोंसाल्वेस
    कलाकार- मोहित रैना, कोंकणा सेन शर्मा, टीना देसाई, श्रेया धनवंतरी, सत्यजीत दुबे, नताशा भारद्वाज, मृण्मयी देशपांडे, प्रकाश बेलावाड़ी आदि
    प्लेटफॉर्म- अमेज़न प्राइम वीडियो
    अवधि- 8 एपिसोड्स/ प्रति एपिसोड 40 मिनट

    26 नवंबर, 2008 का भयावह दिन शायद ही कोई भारतीय भूल सकता है। जब पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा के दस आतंकवादी समुद्र के रास्ते से मुंबई पहुंचे थे और अलग अलग स्थानों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसमें 18 सुरक्षा कर्मियों सहित 166 लोग मारे गए थे। इस घटना ने मुंबई के साथ साथ पूरे देश को झंझोरकर रख दिया था। जहां कई फिल्मों में हमने इस आतंकी हमले से जुड़ी अलग अलग पहलूओं को देखा है, लेकिन उस वक्त चिकित्सा कर्मचारी किस हालात से गुजर रहे थे, उनके सामने किस तरह के संघर्ष थे, यह अभी तक हमने नहीं देखा था। 'मुंबई डायरीज़ 26/11' उन्हीं घटनाओं का एक काल्पनिक लेखा-जोखा है, जो उस रात एक सरकारी अस्पताल में घटती है।

    अमेज़न प्राइम वीडियो की ये सीरीज आतंकी हमले से अधिक, फ्रंटलाइन वर्कर्स के बारे में है, जो उस रात हर जख्मी, हर मरीज के लिए आखिरी समय तक खड़े रहे थे। शो 26 नवंबर को लियोपॉल्ड कैफे में आतंकवादी हमले के साथ शुरू होता है। उसी दिन कुछ घंटे पहले, हम बॉम्बे जनरल अस्पताल के नए जूनियर डॉक्टर्स (अहान मिर्जा, दीया पारेख और सुजाता अजावले) से मिलते हैं, जब वे डॉ कौशिक ओबेरॉय (मोहित रैना) के साथ एक रेजीडेंसी कार्यक्रम के लिए इंटरव्यू करते हैं। सीरीज इन्हीं डॉक्टरों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनमें डॉ चित्रा दास (कोंकणा सेन शर्मा) भी शामिल हैं, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

    Mumbai Diaries 26/11

    जैसे जैसे हमले के दौरान गोलियों से घायल हुए लोगों की भीड़ अस्पताल में उमड़ने लगती है, हम फ्लैशबैक के साथ हर किरदार की बैक स्टोरी भी देखते हैं। बाहरी हमले के साथ साथ किस तरह वे निजी ज़िंदगी में उठे बवंडर से निपट रहे होते हैं, यह बखूबी दिखाया गया है। सह कलाकारों के रूप में कुछ बेहतरीन किरदार शामिल होते हैं, जो कथानक को एक मजबूती देते हैं। वहीं, बॉम्बे जनरल अस्पताल को भी एक किरदार की तरह की दिखाया गया है, जो कि एक बेहद पुरानी बिल्डिंग है लेकिन कई तूफानों का सामना कर डटकर खड़ी है.. कुछ कुछ वहां चल रही प्रणाली की तरह।

    आठ-भाग की यह सीरीज कई मुद्दों को भी समेटती है, जैसे भी अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव, लिंग भेद हो या धर्म के नाम पर तनाव। मेकर्स घरेलू हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य के विषय को भी छूते हैं, लेकिन मूल कथानक से भटकते नहीं है। निर्देशक ने कहानी में सच्चाई की पुट के साथ साथ नाटकीयता भरपूर रखा है। यह मेडिकल ड्रामा एक बेहतरीन थ्रिलर है। तनावपूर्ण घटनाक्रम में डॉक्टरों के निजी जीवन की कहानियां कहीं कहीं भटकी सी लगती हैं, लेकिन सीरीज अंत तक बांधे रखती है। बेहतरीन संवाद के लिए संयुक्ता चावला शेख को तारीफ मिलनी चाहिए।

    अभिनय की बात करें को मोहित रैना और कोंकणा सेन शर्मा अपने किरदारों में बेहतरीन लगे हैं। उनके चेहरे पर आए एक एक भाव इतने प्रभावी हैं कि वो आपको बांधे रखते हैं। इन दोनों के अलावा शो बाकी किरदारों को भी निखरने का पूरा मौका देती है। सत्यजीत दुबे, मृण्मयी देशपांडे और नताशा भारद्वाज अपने किरदारों में मजबूत छाप छोड़ते हैं। वहीं, पत्रकार बनीं श्रेया धनवंतरी अपने अभिनय से ध्यान आकर्षित करती हैं।

    मुंबई डायरीज 26/11 एक ऐसा शो है जिसमें सही मात्रा में ड्रामा और थ्रिल डाला गया है। यदि आप डार्क थ्रिलर पसंद करते हैं तो ये सीरिज जरूर देख सकते हैं, सिर्फ याद रखें कि यह एक काल्पनिक लेखा जोखा है, ना कि डॉक्यूमेंट्री।

    English summary
    Mumbai Diaries 26/11 Web Series Review: This show on Mumbai Attack is a must watch with Mohit Raina and Konkona Sen Sharma in top form.
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