बिग बॉस सिर्फ शो नहीं ये है एक पाठशाला
बिग बॉस के सात सीजन पूरे हो चुके हैं और उसका आंठवा सीजन इस वक्त हर रात 9 से 10 बजे तक लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। जाहिर है कि टीवी जिसे हम हमेशा से स्टूपिड बॉक्स कहते आए हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से जिस तरह से टेलीविजन की दुनिया में बदलाव आए हैं उसके बाद इसे स्टूपिड बॉक्स कहना गलत होगा। टीवी पर आने वाले इन रियैलिटी शो को भी सिर्फ टाइम पास करने का जरिया नहीं माना जाता।
अगर हम अपनी जिंदगी का जो वक्त इन टीवी शो पर खर्च करते हैं उन्हें यूं जाया नहीं जाने देना चाहिए। अगर ये शो देखने ही हैं तो देखिये लेकिन इनसे मिलने वाली कुछ सीखों को भी अपने जीवन में जरुर लागू कीजिये। क्योंकि अक्सर इन शोज से मिलने वाली छोटी छोटी सीखें हमारे जीवन को एक नयी दिशा दे देती हैं।
बिग बॉस एक ऐसा घर हैं जहां पर अलग अलग स्वभाव, अलग सोच, परिवेष वाले लोग एक साथ एक छत के नीचे रहते हैं और जीवन के कई ऐसे सबक सीखते हैं जो उन्हें बाहर के जीवन में नहीं मिली। यही कुछ सीखें हम भी इस शो से पा सकते हैं।


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