प्रियंका चोपड़ा ने कभी किसी कलाकार की बेइज्जती नहीं की, फिर पद्मश्री क्यों नहीं मिलता?
बॅालीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के भीख में आजादी वाले बयान पर लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। ऐसे में कंगना रनौत को पद्मश्री देने पर भी लगातार सवाल उठ रहा है। सोशल मीडिया पर यह बोला जा रहा है कि कंगना रनौत ने जिस तरह से देश की आजादी पर कमेंट किया है ऐसे में उन्हें अपना पद्मश्री पुरस्कार वापस कर देना चाहिए।
कंगना रनौत के इस बयान का विरोध बिग बॅास फेम कविता कौशिक ने भी किया। वहीं अब कविता कौशिक ने एक बार फिर से कंगना रनौत के पद्मश्री पुरस्कार पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि यह पुरस्कार प्रियंका चोपड़ा को मिलना चाहिए था। साथ ही कविता कौशिक ने प्रियंका चोपड़ा की तस्वीर भी शेयर की है।

टीवी की चंद्रमुखी चौटाला कविता कौशिक ने वैसे कंगना रनौत का नाम नहीं लिया है। लेकिन उनका इशारा इस पोस्ट में उन्हीं की तरह रहा है। कविता कौशिक ने सीधे तौर पर यह सवाल उठा दिया है कि प्रियंका चोपड़ा को पद्मश्री क्यों नहीं दिया गया। साथ ही प्रियंका चोपड़ा की प्रतिभा को भी कविता कौशिक ने समझाया है।

कविता कौशिक ने प्रियंका चोपड़ा पर बोली इतनी बड़ी बात
कविता कौशिक ने प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की दिवाली पर निकाली गई तस्वीर पोस्ट की है। कविता कौशिक ने इस पोस्ट में लिखा है कि इनको पद्मश्री क्यों नहीं मिलता? अच्छी एक्टर, बढ़िया इंसान, पूरी दुनिया में बड़ी सफलता हासिल की है। बिना बखान किए भारतीय संस्कृति को सम्मान दिलवाया। हां उन्होंने कभी किसी बड़े या किसी साथी कलाकार की बेइज्जती भी नहीं की है। वह लाजवाब हैं।

प्रियंका चोपड़ा को साल 2016 में पद्मश्री
हालांकि प्रियंका चोपड़ा पर किए गए इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया है। आपको बता दें कि प्रियंका चोपड़ा को साल 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। एक यूजर ने कविता कौशिक को सलाह दी है कि उन्हें कुछ लिखने से पहले गूगल पर सर्च कर लेना चाहिए।

महात्मा गांधी के त्याग और तपस्या का अपमान
कुछ दिन पहले बिग बॅास फेम कविता कौशिक ने कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर कमेंट करते हुए कहा था कि भीख में तो हमारी जैसी थैंक्सलेस जेनरेशन को अपनी जान दे गए हमारे वीर शहीद। इससे पहले बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कंगना को लेकर कहा था कि कभी महात्मा गांधी के त्याग और तपस्या का अपमान। कभी उनके हत्यारे का सम्मान। अभी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार। इस सोच को पागलपन कहूं या देशद्रोह?


Click it and Unblock the Notifications











