JD Majethia ने अपने फ्लॉप शो का ठीकरा दर्शकों पर फोड़ा, कहा- 'भारतीय अपने दिमाग का इस्तेमाल नहीं करना चाहते'

JD Majethia On Sarabhai vs Sarabhai Failure: जेडी मजीठिया गुजराती और हिंदी शोज, ड्रामा और भारतीय टेलीविजन में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। खिचड़ी और साराभाई बनाम साराभाई जैसे कुछ सबसे बड़े शो के पीछे भी उनका नाम रहा है।
वह एक प्रोडक्शन हाउस, हैट्स ऑफ प्रोडक्शंस के मालिक हैं और वित्तीय संकट और दिवालियापन से जूझ चुके हैं, जब उनके प्रोडक्शन हाउस के एक शख्स ने अकाउंट्स की गलत गिनती की, जिसके कारण उन्हें बड़े फेलियर का सामना करना पड़ा।
सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक इंटरव्यू में, मजीठिया से 2013 में हुई अपनी प्रोफेशनल जर्नी के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में पूछा गया। जिस पर उन्होंने कहा, "शो के मामले में मेरे सबसे बड़े फेलियर के कई पर्सनल उदाहरण होंगे। लेकिन 2013 में एक बार कंपनी में एक बड़ी गड़बड़ हुई थी। हमारे पांच शो चल रहे थे और हमारे अकाउंट्स में एक शख्स था, जिसने हमें गुमराह किया। शायद मैं उस समय इतना मैच्योर नहीं था कि इसे ठीक से समझ पाता। मैं कड़ी मेहनत करता था और सभी को समय पर पेमेंट करता था, लेकिन उस आदमी ने हमारी केलकुलेशन में कुछ 'गड़बड़ी' की और हम बस डूब गए। हम कुछ भी समझ नहीं पाए।"
उन्होंने आगे बताया कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइट रहा है और कहा, "वहां से, हमने धीरे-धीरे खुद को फिर से खड़ा किया। यह मेरा सबसे बड़ा चैप्टर है। हमारा सारा पैसा चला गया था, हम घाटे में थे और हम पर लोगों का पैसा भी बकाया था। लेकिन हमने सभी का पैसा चुका दिया और आज हम अपने पैरों पर खड़े हैं। हमने जितना खोया था, उससे कहीं ज़्यादा कमाया है, लेकिन हमारा नाम कभी खराब नहीं हुआ। हमारी साख बरकरार रही और यह दौर छह महीने से ज़्यादा नहीं चला।"
उन्होंने अपने शो माई सागर के लॉन्च के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया, जिसका बजट 75,000 रुपये है। कहानी सुनाते हुए उन्होंने कहा, "पैसे तो चले जाते थे, लेकिन हमने वहीं से फिर से शुरुआत की। इसमें बहुत सारे राइटर थे, इसलिए मैंने बहुत कॉर्डिनेट किया, जो अब मुझे वागले की दुनिया बनाने में मदद कर रहा है। भगवान ने मुझे कुछ सीखने के लिए वह परिस्थिति दी थी।"
2021 में, वागले की दुनिया - नई पीढ़ी नए किस्से को टेलीविजन पर प्रसारित किया गया और यह अभी भी अच्छा चल रहा है। इस शो में सुमीत राघवन, परिवा प्रणति और अंजन श्रीवास्तव जैसे कलाकार हैं। यह प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण द्वारा बनाए गए कैरेक्टर पर आधारित है।
जेडी मजीठिया ने साराभाई वर्सेज साराभाई के फ्लॉप होने पर भी अपनी बात रखी और उन्होंने कहा- 'वहां सीखने के लिए बहुत कुछ है। भारत औसत दर्जे के लोगों का देश है, खासकर टीवी देखने के मामले में। औसत दर्जे का मतलब है कि, मैं बुरा नहीं बोल रहा हूं, मेरा मतलब है कि वे जीवन में कुछ सुपर इंटेलिजेंट सिनेमा की उम्मीद नहीं करते हैं, वे बस कुछ हल्की-फुल्की चीजें चाहते हैं, मिडल क्लास की मानसिकता, 'मैं एक लंबे दिन के बाद घर वापस आया हूं, बस मुझे कुछ अच्छा देखने को दो या महिलाओं के लिए नाटक दिखाओ।' वे अपने दिमाग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं।'
जेडी मजीठिया ने आगे कहा- 'अब, इस सीनारियो में, एक कॉमेडी आती है जिसे आतिश कपाड़िया ने बेहतरीन तरीके से लिखा था। जिसका मजा लेने लेने के लिए वोकैबलरी का ज्ञान होना जरूरी था। साथ ही, यह हर सोमवार को टेलीकास्ट होता था, इसलिए आदत नहीं पड़ सकती थी। जो लोग शो देखते थे, वे इसे पसंद करते थे। उन दिनों इसे बार-बार देखने की बहुत गुंजाइश नहीं थी, इसलिए उन्हें नया एपिसोड देखने के लिए अगले सोमवार का इंतज़ार करना पड़ता था।'


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