इंडियन मैचमेकिंग रिव्यू: शादियों के जरिए क्लास और भेदभाव को बढ़ावा- बिजनेस ज्यादा शो कम
नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म को कंटेंट के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से ये कंटेंट कम और विवाद के चलते ज्यादा चर्चा में हैं। इसपर आजकल "इंडियन मैचमेकिंग" शो काफी सुर्खियों में हैं। इस शो को देख आपको "बैंड बाजा बारात" की याद आ जाएगी। हालांकि दोनों ही शो का कॉन्सेप्ट एकदम अलग है। "इंडियन मैचमेकिंग" शो की होस्ट सीमा तपारिया भी काफी मशहूर हो गई हैं। शो पर जातिवाद और क्लास जैसी धारणाओं को बढ़ावा देने के आरोप पहले ही लग चुका है। लेकिन पूरा शो देखने के बाद आपको एक चीज समझ आएगी कि कोई परफेक्ट नहीं होता, थोड़ा तुम्हे कंप्रोमाइज करना होगा, थोड़ा एडजस्ट हमें करना होगा।
"इंडियन मैचमेकिंग" एक टेलीविजन डॉक्यूमेंट्री है। जिसमें बड़े बड़े घरों के रिश्ते करवातीं सीमा तपारिया नजर आती हैं। वह अपने क्लाइंट से रूबरू करवाती हैं जो अपने लिए लाइफ पार्टनर चुनना चाहते हैं। नादिया, अक्षय, शेखर, अपर्णा, प्रद्युमन जैसे कई लोग शो में नजर आते हैं, जिनकी अपनी अपनी मांग और खूबियां पार्टनर में ढूंढ रहे हैं, इनकी इस लंबी लिस्ट को सीमा तपारिया पूरी कर परफेक्ट मैच ढूंढ कर देती हैं। सीमा सिर्फ जोड़ियां मिलाती ही नहीं बल्कि लाइफस्टाइल से लेकर भारतीय शादियों में पंडित का रोल, शादी के लिए कास्ट, क्लास, च्वाइस और रंग रूप को भी परखती हैं, उसी क्लास के हिसाब से मैच भी करवाती हैं।


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