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Independence Day Special: टीवी के ये 7 शो नहीं देखा तो फिर आपने क्या देखा !

By Prachi Dixit
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हम हर साल स्‍वतंत्रता दिवस मनाते हैं। स्कूल से लेकर आॅफिस तक भारत की आजादी की ये अहम तारीख आज के समय में दो मायने में बेहद खास है। खासकर आजादी। किसी को स्कूल या आॅफिस से आजादी।किसी को आॅटो या फिर ट्रेन की तलाश से आजादी मिलती है। इस दिन भारत एक दिन का अवकाश मनाता है।

बचपन से ही स्‍वतंत्रता दिवस हमारे लिए खास होता है। स्कूल में थे तो झंडा वंदन के लिए पहुंच जाते थे। रास्ते से लेकर घर के टीवी स्क्रीन तक हर तरफ केवल मनोज कुमार की देशभक्ति फिल्मों के गीत सुनाई देते थे।

पूरा माहौल ही जैसे तिरंगे के तीन रंग में नहाया हुआ लगता था। लेकिन इन सबके बीच हम आज भी उन सभी मुद्दों को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि हमारे घर के पड़ोस में हो रहे हैं।

फिर चाहे वह महिला आजादी हो या फिर किसी सैनिक के शहादत की ऐसी कहानी जो फेसबुक पर केवल तीन या चार लाइक में ही अपना दम तोड़ देती हो।

बहरहाल,इस मामले में समाज का आईना बनने का काम अक्सर टीवी ने किया है। टीवी पर टेलीकास्ट होने वाले ऐसे कई शो हैं जो कि टीआरपी के रेटिंग में भले ही पीछे हो जाते हैं।

लेकिन समाज की दृष्टिकोण से ये शो आज भी हमारे अंदर सोचने की कुछ कर गुजरने की सोच पैदा करते हैं। इस बार स्वतंत्रता दिवस पर अगर आपके पास मौका हो तो इन टीवी शो पर जरूर अपनी नजर डालिए। और सोच बदलिए।

फौजी

फौजी

1988 में टेलीकास्ट हुए शो फौजी से शाहरूख खान ने अपना डेब्यू किया था। इस शो की कहानी कमांडो स्कूल में ट्रेनिंग लेने वाले दल पर केंद्रीत रही। इस शो का फोकस यही रहा कि कैसे एक आम इंसान सैनिक बनता है। उसे किस तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

बालिका वधू

बालिका वधू

2008 में शुरू हुआ यह शो 2016 में आॅफ एयर हो गया । जहां पर बाल विवाद को फोकस में रखते हुए एक महिला के बचन में दुल्हन बनने के कठिनाई से लेकर उसे ईद-गिर्द समाज में महिला पर हो रहे अत्याचार को दिखाया गया था।

उड़ान

उड़ान

2014 से शुरू हुई इस शो में बाल श्रमिकों के रूप में काम करने के लिए मजबूर एक लड़की की कहानी को दिखाता है। जिसका संघर्ष बचपन से ही शुरू हो जाता है जब उस पर बाल मजदूरी का लेबल लग जाता है।

उतरन

उतरन

2008 में यह शो शुरू हुआ और 2015 में आॅफ एयर हो गया। यह टीवी का काफी लोकप्रिय शो रहा है। जहां पर यह कहानी दो दोस्तों की है जो भिन्न भिन्न पृष्ठभूमि के होते हैं। तपस्या एक बहुत अमीर जोगी ठाकुर की बेटी होती है और इच्छा एक नौकरानी की बेटी होती है। नौकरानी की बेटी होने के कारण इच्छा को किस तरह समाज की उतरन पर जीना पड़ता है। यही इसकी कहानी है।

न आना इस देश मेरी लाडो

न आना इस देश मेरी लाडो

ना आना इस देश मेरी लाडो ने 2009 में आगाज किया। जहां पर लड़कियों का पैदा होना अभिशाप माना जाता है। एक लड़की के पैदा होने पर जिस तरह उस बोझ समझा जाता है।यह शो उसी पर केंद्रीत रहा।

पीओडब्लू-बंदी युद्ध के

पीओडब्लू-बंदी युद्ध के

पीओडब्लू-बंदी युद्ध की कहानी 2 ऐसे लोगों की हैं जो कि पाकिस्तान सैनिकों की गिरफ्त में आ जाते हैं और 17 साल बाद अपने वतन लौटते हैं। वापसी के बाद उन पर पाकिस्तानी होने का शक, इमोशन, देश भक्ति से रची बसी यह बहुत ही प्रेरक शो रहा है।

24

24

आतंकवादियों के हाथ से देश और देश के प्रधानमंत्री को बचाने की अनिल कपूर की कोशिश पर बेस्ट है 24 सीरीज। जो कि आज के देश के हालातों को बयान करती हैं।

English summary
Must watch Television show for Independent Day,here read complete list
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