Exclusive Anu Malik: मैं पैसा कमाना सोचकर लोगों के दरवाजे नहीं खटखटाता- अनु मलिक

लोकप्रियर संगीत निर्देशक अनु मलिक इन दिनों जी टीवी का शो सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स जज कर रहे हैं। शो को लेकर Filmibeat से अनु मलिक ने खास बातचीत की । साथ ही अपने पुराने दिनों को भी याद किया है। जब उनके पास ऐसा बड़ा मंच नहीं था। लेकिन कला ने उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने में हिम्मत दी है।
अनु मलिक ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स का जो फॉर्मेट है, वह कला के लिए खुला मंच है। माता-पिता अपने बच्चों को भेजते हैं। अपने बच्चे की प्रतिभा देखकर वह उसे आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह शो कला को लोगों तक पहुंचाता है। माता-पिता ऐसी जगह की तलाश करते हैं जहां पर उनका बच्चा आगे बढ़ेगा। ऐसा नहीं है कि जिनके पास पैसे नहीं है उनके लिए यह शो बड़ा मंच है। बल्कि यहां बात पैसे की नहीं कला की है।
माता-पिता साधारण नौकरी कर रहे हैं। कोई छोटे से गांव आ रहे हैं। वो कभी ऐसी बात नहीं करते हैं कि हमारे बच्चे के पास पैसे की कमी है। उन्हें अपने बच्चे मैं हुनर दिखता है उसे दिखाने लेकर आते हैं। अनु मलिक आगे कहते हैं कि मैने अपने बचपन में बहुत गरीबी देखी है। मैं जब छोटा था, तो मैंने और मेरे परिवार ने बहुत तकलीफ सहा है। तब ऐसा प्लेटफॅार्म नहीं था।
अनु कहते हैं कि मैं तब पैसा सोचकर लोगों के दरवाजे नहीं खटखटाता था।मैं इतना ही जानता है। मेरे भीतर कला है। मैं गाने गा सकता हूं। मैं उसका प्रदर्शन करने के लिए लोगों के पास जाता था। मैं समझता हूं कि बच्चों के लिए आज ऐसा प्लेटॅफॅाम है। मैं उन कलाकार को मानता हूं जो अपनी कला को दिखाने के लिए आगे बढ़ते हैं। पैसे के लिए नहीं । वैसे अब जमाना बदल चुका है। आप जानते हैं कि बच्चे नाम कमाते हैं। यह बच्चे विश्व स्तर पर शो करते हैं। फेम, पैसा और कमाई का जरिया मिलता हैं। कई लोग अपना गाना बनाकर यू ट्यूब पर डालकर कमाई करते हैं। रहा सवाल मेरा तो संगीत मेरी जिंदगी है। मेरे हर पल में संगीत है। मेरे जिंदगी के हर उतार चढ़ाव में मेरे पास केवल संगीत उम्मीद बनकर रहा है। मैं संगीत की पूजा करता


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