'कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म पोर्नोग्राफी तक दिखा रहे हैं, इनकी स्क्रीनिंग जरूरी है': सुप्रीम कोर्ट
कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय सरकार की ओर से सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर समर्थन दिखाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ओटीटी कंटेंट के स्क्रीनिंग की जरूरत है। कुछ प्लेटफॉर्म पर कंटेंट के नाम पर पोर्नोग्राफी भी दिखाई जा रही है। इसमें संतुलन बनाने की जरूरत है।
बता दें, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को अल्ट बालाजी, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, नेटफिलिक्स, जियो, जी5, वायकाम 18, शेमारू और एमआइप्लेयर सहित विभिन्न ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्मों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

उन्होंने ट्विट करते हुए लिखा- 'ओटीटी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक सार्थक बैठक की और ओटीटी नियमों के प्रावधानों की व्याख्या की। सभी प्रतिनिधियों ने नए दिशा-निर्देशों का स्वागत किया है। मंत्रालय और उद्योग सभी दर्शकों के लिए ओटीटी के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक साथ साझेदारी करेंगे।'


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