पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती: पूनम ढिल्लों
अपने नए टीवी शो में एक अनपढ़ महिला की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री पूनम ढिल्लों का कहना है कि शिक्षा किसी उम्र या वर्ग तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह प्रतिदिन प्रतिफल देती है जिससे इंसान को पूर्णता पाने में मदद मिलता है। उनके इस नए शो का शीर्षक 'एक नई पहचान' है। यह धारावाहिक दिखाता है कि वह कैसे अपनी बहू से पढ़ना-लिखना सीखती हैं।
पूनम ने फोन पर बातचीत में आईएएनएस से कहा, "शिक्षा प्रतिदिन प्रतिफल देती है। इसका तात्पर्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि यह तो इंसान में पूर्णता लाता है।"
उन्होंने कहा, "मेरे लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। यह जीवन के परिदृश्यों को खोलती है।" पूनम 'सवाल', 'तेरी मेहरबानियां' और 'जॉन जानी जनार्दन' सरीखी फिल्मों का हिस्सा रह चुकी हैं।
वह पूर्व में टीवी शो 'किटी पार्टी' में भी अभिनय कर चुकी हैं। इस शो ने करीब 500 कड़ियां सफलतापूर्वक पूरी की थीं। इस अभिनेत्री ने कहा, "पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। मेरा मानना है कि ससुराल वालों को पढ़ने-लिखने में बहू की मदद करनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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