आमिर खान 29 साल पहले भी परफेक्शनिस्ट थे - देवेन भोजानी ने याद की आमिर के साथ गहरी दोस्ती
देवेन भोजानी ने 1992 में आमिर खान के साथ जो जीता वही सिकंदर के साथ अपना फिल्म डेब्यू किया था। इस फिल्म के दौरान, उनकी आमिर खान और आएशा ज़ुल्का के साथ गहरी दोस्ती हो गई थी। फिल्म की रिलीज़ को 29 साल हो गए। फिल्म के बारे में ट्वीट करते हुए देवेन ने लिखा कि इस फिल्म ने उनकी ज़िंदगी बदल दी।
इंटरटेनमेंट टाइम्स से अपनी बातचीत के दौरान आमिर खान के साथ अपनी दोस्ती के दिन याद करते हुए देवेन ने बताया कि फिल्म के सालों बाद तक हम अच्छे दोस्त थे और एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। लेकिन धीरे धीरे काम और अपनी अपनी ज़िंदगी में मसरूफ हो गए और दूरियां बढ़ गईं।

देवेन बताते हैं कि ऊटी और कोडाईकनल में फिल्म की शूटिंग के दौरान वो लंबे वॉक पर जाते थे। शूट हो या ना हो, वो, आमिर खान, आदित्य लाखिया और आएशा ज़ुल्का हमेशा साथ रहते थे। आमिर और देवेन दोनों को ही चेस खेलने का काफी शौक था और इसलिए वो दोनों अक्सर चेस ही खेलते थे।

भावुक हो गए देवेन
जो जीता वही सिंकदर के बारे में इंटरटेनमेंट टाइम्स से बात करते हुए देवेन भोजानी काफी भावुक हो गए थे। इस फिल्म ने उनके करियर की दिशा ही पलट कर रख दी और उन्हें वो मुकाम दिया जिसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी।

कर रहे थे पढ़ाई
इस इंटरव्यू में देवेन भोजानी ने बताया कि वो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए पढ़ाई कर रहे थे। इसी के साथ वो अपनी एक एस्टेट एजेंसी भी चला रहे थे। अचानक ही इस फिल्म का ऑफर उन्हें आया। इससे पहले उन्होंने कुछ गुजराती नाटक किए हुए थे।

आमिर के साथ दोस्ती
आमिर खान के साथ देवेन भोजानी की दोस्ती एक नाटक के दौरान हुई। नाटक के ट्रूप को कहीं बाहर जाकर परफॉर्म करना था और देवेन उस समय जिस कंपनी में काम करते थे उसके बॉस ने उन्हें छुट्टी नहीं दी। इस नाटक में आमिर खान बैकस्टेज काम कर रहे थे।

आमिर ने किया रिप्लेस
देवेन ने आमिर को अपने किरदार के बारे में सब कुछ सिखा दिया। उसे कैसे निभाना है, किस लाईन का क्या मतलब, कौन सी लाईन कब, कैसे और कहां बोलनी है। ये आमिर खान का एक्टर के तौर पर पहला असाइनमेंट था।

यूं ऑफर हुई जो जीता वही सिकंदर
आमिर को देवेन याद रहे। वहीं काफिला और मालगुड़ी डेज़ में उनका काम भी आमिर ने देखा था। जो जीता वही सिकंदर के डायरेक्टर मंसूर खान को आमिर फिल्म में असिस्ट कर रहे थे और उन्होंने ही देवेन का नाम सुझाया।

आए ऑफर ही ऑफर
देवेन का कहना है कि जो जीता वही सिकंदर की सफलता ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। उनके पास फिल्मों और टीवी के ऑफर की भरमार थी। देवेन ने फिल्म में मंसूर खान को असिस्ट भी किया और डायरेक्शन की बारीकियां सीखीं।

आमिर से दोस्ती
आमिर खान से दोस्ती देवेन की फिल्म के दौरान ही बढ़ी। देवेन का काम था continuity देखना और आमिर लगातार देवेन से इस बारे में पूछ कर उन्हें परेशान करते थे। वो हर सीन की डीटेल देवेन से लेते थे। देवेन का कहना है कि आमिर आज परफेक्शनिस्ट हैं, आमिर तब भी परफेक्शनिस्ट थे।

काम आया अनुभव
देवेन का मानना है कि उस फिल्म में जो भी सीखा उसने उन्हें आगे जाकर यूएस में एक डायरेक्शन कोर्स करने के लिए प्रेरित किया। बाद में उन्होंने साराभाई Vs साराभाई जैसी शानदार सीरीज़ डायरेक्ट की। इस सीरीज़ में वो दुष्यंत के किरदार में भी दिखाई दिए थे।

सबके प्यारे गट्टू काका
टीवी पर देवेन भोजानी को बहुत सारे किरदारों में दर्शकों ने देखा और ढेर सारा प्यार दिया। लेकिन उनका सबसे यादगार किरदार बना स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले सीरियल बा, बहू और बेबी का उनका किरदार गट्टू। इस किरदार की मासूमियत लोगों को इतना भा गई कि आज भी लोगों के दिल में देवेन का निभाया ये किरदार बिल्कुल ताज़ा है।

टीवी में रम गए
देवेन बताते हैं कि जब उन्हें जो जीता सिकंदर ऑफर हुई थी तब उन्होंने अपने पिता से दो साल मांगे थे। इसके बाद फिल्म रिलीज़ हुई और ऐसी ब्लॉकबस्टर हुई कि उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और इंटरटेनमेंट की दुनिया में रम गए।


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