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INTERVIEW: जब टीवी के बाजीराव को मिला बड़ा तोहफा

Written By: Prachi Dixit
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बाजीराव पेशवा शो से इन दिनों रुद्र सोनी छाए हुए हैं। वह इस शो में बाजीराव के बचपन की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले रुद्र बालवीर में पैरलल किरदार में थे। बाजीराव के इस लीड रोल को हथियाना उनके लिए आसान काम नहीं था। यहां तक कि ऑडिशन में चुने जाने के बाद उन्होंने इस शो में काम करने से मना कर दिया था। आइए खुद रुद्र से जानते हैं , उनके बाजीराव बनने के सफर के बीच की दिलचस्प किस्से।

रुद्र कहते हैं, बाजीराव -मस्तानी में मैनें बाजीराव के बेटे नानासाहेब की भूमिका निभाई थी। इस शो के मिलने के बाद मुझे महसूस हुआ कि पेशवा बाजीराव से मेरा खास कनेक्शन है।

बालवीर के दौरान मैंने बाजीराव के लीड रोल के लिए ऑडिशन दिया था। मुझे लीड किरदार के लिए कंफर्म भी कर लिया गया था। लेकिन एक साथ बालवीर और बाजीराव में काम करना मेरे लिए मुश्किल था।

शो की टीम ने कहा कि मुझे बालवीर छोड़ना होगा। मेरे लिए यह मुश्किल फैसला था। चार साल से मैं लगातार यह शो कर रहा था। दूसरी तरफ पहली बार मुझे बाजारीव के लीड किरादार के लिए चुना गया था। यह मौका मैं हाथ से गवाना नहीं चाहता था।

Rudra soni got gift from parents for becoming a Peshva bajiravo

इसके पीछे खास वजह है। बालवीर के दौरान हर कोई केवल मैन लीड से मुलाकात करना चाहता था। मुझे अहसास हुआ कि हर कोई केवल लीड किरदार को तवज्जो देता है। निजी जिंदगी में मेरे दोस्त मुझे महत्व नहीं देते थे।

स्कूल में मेरे दोस्त भी मुझे छेड़ा करते थे। खैर, मुझे तीन दिन के भीतर पता चला कि बालवीर बंद हो रहा है। इस तरह से मैं बाजीराव से जुड़ गया।

इस शो के लांच होने से पहले ही मेरी दुनिया बदल गई। बाजीराव बनने की खुशी में मुझे पापा से ढेर सारे तोहफा मिला। पोस्टर देखने के बाद स्कूल में अचानक दोस्तों के बीच मेरा कद बढ़ गया। जो पहले मुझे खरी -खोटी सुनाते थे। अब वो मेरी तारीफ करने लगे हैं। हर कोई मेरा दोस्त बनना चाहता है।

सच कहूं, बाजीराव बनना बेहद कठिन है। मैंने इस किरदार के लिए मार्शल आर्ट सीखा है। घुड़सवारी भी सीख रहा हूं। शुरू के कुछ दिनों तक मैंने मराठी लहजे में बोलने की कोशिश भी की। लेकिन वो हो नहीं पाया। अंत में मेरी स्किप्ट में मराठी भाषा के शब्द शामिल कर दिए गए हैं। ताकि मराठी पेशवा की खूबी बरकरार रहे।

English summary
How child actor Rudra soni become a peshva bajirav
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