बिग बॉस 8- अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता
बिग बॉस के हर एक सीजन पर ये कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। बिग बॉस का घर ही कुछ ऐसा है कि यहां पर आने के बाद लोग कुछ दिन भले ही एक दूसरे के प्रति बेहद प्यार व अपनापन जताएं लेकिन जैसे जैसे ये गेम अपने अंतिम चरण पर पहुंचता है वैसे वैसे ये खेल बहुत ही गंदा होता जाता है। लोग अपने और सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला 28 अक्टूबर के एपिसोड के दौरान। जब घर में आए टेलीफोन बूथ पर आए फोन को उठाने को करिश्मा दौड़ पड़ीं। करिश्मा ने जैसे ही फोन उठाया वैसे ही उन्हें बिग बॉस ने टास्क देने शुरु कर दिये। करिश्मा एक एक करके खुद को दिये टास्क पूरे कराती रहीं क्योंकि ऐसा करके वो नॉमिनेशन की प्रक्रिया से बच सकती थीं।
करिश्मा ने जाते जाते पुनीत जी को फोन का रिसीवर पकड़ा दिया और फिर करिश्मा ने पुनीत जी द्वारा कहने पर कुछ भी ना करने का फैसला कर लिया। यही नहीं वो बाकी लोगों को भी कहती फिरीं कि वो अगर पुनीत द्वारा कहे जा रहे कार्य नहीं करेंगे तो उन लोगों को कुछ नहीं होगा।


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