For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    भाग बीनी भाग रिव्यू : स्वरा भास्कर का ट्विटर अकाउंट इस सीरीज़ से ज़्यादा मज़ेदार है

    |

    रेटिंग - 1.5 स्टार
    सीरीज़ - भाग बीनी भाग

    निर्देशक - डेबी राव
    लेखक - रवि पटेल, नील शाह
    स्टारकास्ट - स्वरा भास्कर, डॉली सिंह, वरूण ठाकुर
    ़ मोना अंबेगांवकर, गिरीश कर्नाड, रवि पटेल

    प्लेटफॉर्म - नेटफ्लिक्स
    एपिसोड - 30 मिनट के 6 एपिसोड

    नेटफ्लिक्स पर स्वरा भास्कर की सीरीज़ भाग बीनी भाग स्ट्रीम हो चुकी है। और हमने सबसे पहला काम किया है इस सीरीज़ का रिव्यू आप तक लाने का क्योंकि अगले दो दिन 5 और 6 दिसंबर को नेटफ्लिक्स आपके लिए फ्री रहेगा। ऐसे में ये जानना ज़रूरी था कि स्वरा की ये सीरीज़ देखने लायक है या नहीं।

    स्वरा भास्कर इस सीरीज़ में ऐसी लड़की के किरदार में दिखाई दे रही हैं जो स्टैंड अप कॉमेडियन बनना चाहती है। और इस किरदार के लिए उन्हें सीधी टक्कर देनी पड़ी है Four More Shots की मानवी गगरू को।

    मानवी ने अपने सहज अभिनय से उस किरदार को जीता था और चूंकि दोनों किरदारों में इतनी समानताएं हैं, तो ज़ाहिर तौर पर तुलना होना स्वाभाविक है।

    ये सीरीज़ आपको Four More Shots के अलावा कहीं कहीं, वीरे दी वेडिंग और Marvellous Mrs. Maisel की भी याद दिलाएगी। और किसी भी सीरीज़ को स्वरा का अभिनय टक्कर देता नहीं दिखेगा।

    प्लॉट

    प्लॉट

    भाग बीनी भाग की कहानी बिलकुल सीधी और सुनी हुई है। शादी तय होते ही एक लड़की को एहसास होता है कि शादी छोड़कर वो दुनिया में बाकी सब कुछ कर सकती है। यही एहसास स्वरा भास्कर को तब होता है जब वो अपनी मर्ज़ी से एक लड़के तीन साल डेट करने के बाद, उसे सगाई के दिन छोड़कर चली जाती हैं। यहां से शुरू होती है, बीनी के हॉबी के लिए कॉमेडी करने के शौक को प्रोफेशन बनाने की कहानी।

    किरदार

    किरदार

    सीरीज़ में स्वरा भास्कर बीनी के किरदार के लिए मिसफिट लगती हैं। उनके किरदार का फीकापन कई कारणों से हो सकता है लेकिन ये फीकापन परदे पर साफ नज़र आता है और इसलिए स्वरा भास्कर बेहद बुरी तरह से निराश करती हुई दिखाई देती हैं। खासतौर से इसलिए क्योंकि उन्हें दर्शकों को निल बटे सन्नाटा और आरा की अनारकली जैसे मंझे हुए किरदारों में देखने की आदत है। और यहां एक सीधे सादे से किरदार में स्वरा बाल्टी भर कोशिश के साथ दर्शकों के सामने आती हैं। इस कोशिश में वो कभी सफल होती है तो कहीं उनकी ओवर एक्टिंग दर्शकों का मिज़ाज़ खराब करती है।

    कास्टिंग

    कास्टिंग

    इस सीरीज़ की कास्टिंग परफेक्ट है। केवल दिक्कत है तो सीरीज़ की लीड में। बाकी कहानी को सपोर्ट करने के लिए स्टार की दोस्त के रूप में डॉली सिंह, मंगेतर के रूप में वरूण ठाकुर, माता पिता के रूप में मोना अंबेगांवकर और गिरीश कर्नाड सब अपनी भूमिकाओं में अच्छे लगे हैं। और सब इस सीरीज़ को सफल बनाने की पूरी कोशिश करते दिखाई दिए हैं।

    अभिनय

    अभिनय

    वरूण ठाकुर को कॉमेडी से इतर एक सीरियस रोल में देखना दर्शकों को पसंद आएगा। एक कॉर्पोरेट गुलाम के रूप में एक परफेक्ट बॉयफ्रेंड बनने की कोशिश करता उनका किरदार उन पर काफी फबता है। वहीं दूसरी तरफ, स्वरा के अचानक से दोस्त बने दोस्त से ज़्यादा वाले कन्फ्यूजन के किरदार रवि पटेल भी अच्छी कोशिश करते दिखते हैं। मोना अंबेगांवकर और गिरीश कर्नाड के हिस्से, बीनी के माता - पिता होने के नाते जितना कुछ आया है, उन्होंने उतनी ही सहजता से निभा दिया है।

    निर्देशन

    निर्देशन

    सीरीज़ को डायरेक्ट किया है डेबी रॉव ने और शायद उन्हें ऐसा लगा कि स्वरा जैसी मंझी हुई अदाकारा के साथ ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उनकी यही गलती, कमज़ोरी बनकर पूरी सीरीज़ में दिखाई देती है जो कहीं से भी आपका ध्यान बांधने के लिए कोई भी कोशिश नहीं करती है। रवि पटेल और नील शाह का लेखन भी उनकी कोई मदद नहीं करता है।

    तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    ये सीरीज़ एक स्टैंड अप कॉमेडियन की कहानी है लेकिन अगर इसमें कुछ कम है तो वो है हंसी। हालांकि कई शो के ज़रिए, बीनी की ज़िंदगी आगे बढ़ती दिखाई गई है, लेकिन बीनी के चुटकुले सुनकर आप भी उसका शो कभी नहीं देखना चाहेंगे। ये भले ही एक लड़की के अपने सपनों को पूरा करने की कहानी हो लेकिन काश उस लड़की को कोई बता पाता है कि उसके सपने पूरे करने के लिए जो काबिलियत चाहिए वो तुममें नहीं हैं। कॉमेडी करना हर किसी के बस की बात नहीं है और ये बात बीनी के लिए लिखे डायलॉग्स से साफ समझ आती है।

    क्या है बढ़िया

    क्या है बढ़िया

    सीरीज़ कुछ हिस्सो में अच्छी दिखती है। खासतौर से स्वरा भास्कर और रवि पटेल की केमिस्ट्री सीरीज़ की कहानी को थोड़ा दिलचस्प बनाने की कोशिश करती है। वहीं हो सकता है कि आज के वो युवा बीनी के साथ एक कनेक्ट बना पाए जो अपने काम की ज़िंदगी में खुद को फंसा हुआ पाते हैं। लेकिन इससे ज़्यादा इस सीरीज़ में कुछ तारीफ करने जितना खास नहीं है।

    कहां करती है निराश

    कहां करती है निराश

    भाग बीनी भाग, अपने नाम से लेकर प्रस्तुति तक हर मिनट निराश करती है। साथ ही हिंगलिश में बनी इस सीरीज़ में जब भी अंग्रेज़ी के संवाद आते हैं, उनके साथ के हिंदी अनुवाद कहानी को और बेस्वाद बनाने के लिए काफी हैं। दूसरी तरफ, कहानी का मज़ेदार ना होना और बिना चुटकुलों के स्टेज पर स्टैंड अप कॉमेडियन्स को लगातार देखना बेहद दर्दनाक अनुभव है।

    सीरीज़ की इकलौती स्टार

    सीरीज़ की इकलौती स्टार

    इस सीरीज़ की इकलौती स्टार हैं डॉली सिंह। वो जब भी स्क्रीन पर होंगी आप उनसे कनेक्ट कर पाएंगी। डॉली जितनी सरल अदाकारा हैं उतनी ही सहजता से इधर उधर हंसी की दो चार ठिठकियां वो आप तक फेंक ही देंगीं। वहीं उनका अभिनय भी बड़ी ही बेबाकी से उनके किरदार में घुल मिल जाता है।

    देखें या ना देखें

    देखें या ना देखें

    कुल मिलाकर, बीनी भाग बीनी, भले ही 5 और 6 तारीख को नेटफ्लिक्स पर फ्री है लेकिन हमारी सलाह में आप ये मौका कुछ अच्छा देखने के लिए इस्तेमाल करें। इस सीरीज़ में ऐसा कुछ नहीं है जो आप पहले कहीं देख ना चुके हैं।

    English summary
    Bhaag Beanie Bhaag Web Series Review: Streaming on Netflix Swara Bhaskar's OTT debut is a story of a stand up comedian. Read full review.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X