काफी स्वादिष्ट है बुराइयों की खिचड़ी बालिका वधू !

By अंकुर शर्मा

Pratyusha Banerjee
कलर्स के लोकप्रिय धारावाहिक बालिका वधू टीवी के उन सीरयल्स में से है जिसने समाज के ज्वलंत मु्द्दो या यूं कहे कि समाज के कड़वे सच को लोगों के सामने रखा और सीधे लोगों के दिल में उतर गया। पिछले काफी समय से ये टीआरपी लिस्ट में नंबर वन पर बना हुआ है। कहानी को नया मोड़ देने के लिए कहानी की आत्मा कही जाने वाली आनंदी को बड़ा कर दिया गया और बालिका वधू को बालिका से जवान कर दिया गया।

जिसे भी ... लोगों ने अपने सराखों पर बिठा लिया और धीरे-धीरे ही सही बड़ी आनंदी भी लोगों को अच्छी लगने लगी और नतीजा एक बार फिर से ये सीरयल अपनी पुरानी जगह पहुंच गया।

ये धारावाहिक समाज के उस घिनौने सच को सामने लेकर आया था जिसे हम बाल-विवाह कहते हैं। जिसके चलते लड़कियों का बचपन छिन जाता है, वो शिक्षित नहीं हो पाती। कम उम्र में उनके ऊपर गृहस्थी का भार दे दिया जाता है और तो और कच्ची उम्र में मां बन जाने का दंश भी उन्हें झेलना पड़ता है।

लेकिन आज वो ही बालिका वधू में एक्सट्रा मैरटल अफेयर, लिव इन रिलेशन और फर्जीवाड़े को दिखा रहा है। कहानी में रोज नये टि्वस्ट आ रहे हैं। कभी आनंदी की सहेली फूली को मुख्य आकर्षण के रूप में पेश करके नाता प्रथा दिखा दी जाती है तो कभी अशिक्षा के चलते गरीबों पर हो रहे जुल्म को दिखाया जाता है।

कभी गहना का अपने से उम्र में बड़े पति के साथ सामजस्य ना बिठा पाने वाले दर्द को उजागर कर दिया जाता है। कभी सुगणा के बेटे को अपाहिज बना कर एक संवेदना पैदा की जाती है हालांकि सुगणा के बेटे को दर्दे देने वाले का क्या हुआ ये आज तक पता नहीं चल पाया। सुगणा भी बदल गयी और घरवालों का कुछ अता-पती ही नहीं है।

इन दिनों धारावाहिक में आनंदी की शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। धारावाहिक में दिखाया जा रहा है कि आनंदी अब पढ़ने के साथ-साथ समाज सेवा भी करने जा रही है। आने वाले एपीसोड में आनंदी को समाज में फैली बुराई को दूर करते दिखाया जायेगा। हो सकता है कि कहानी में नया टि्वस्ट पैदा करते हुए आनंदी को कहीं राजनीति में प्रवेश ना दिला दिया जाये।

कहने का मतलब ये है कि कहानी कहां से शुरू हुई थी और कहां पर आ गयी है। इसमें कोई संदेह नहीं कि कहानी में जो कुछ भी दिखाया जा रहा है वो काफी दिलचस्प है लेकिन कहानी में विषयों का बिखराव जरूर हो गया है।

जो भी पेश किया जा रहा है वो दिलचस्प जरूर है लेकिन कब क्या दिखा दिया जाये ये कह पाना बहुत मुश्किल है। बालिका वधू की कहानी पंचमेल खिचड़ी की तरह हो गयी है, जो स्वादिष्ट तो बहुत है लेकिन खिचड़ी किन-किन चीजों से मिलकर बनीं है इसे पता लगा पाना काफी मुश्किल है।

आपका इस खिचड़ी के बारे में क्या कहना है अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें। अपनी बात नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।

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