जिंदगी के फिल्म में घर-घर की कहानी 'बागबान': सत्यमेव जयते
बैगलोर। राज कपूर, त्रृषि कपूर और रणबीर कपूर यानि की तीन पीढि़यां एक साथ मगर आज शायद ही एक या दो परिवार ऐसे हों जहां यह देखने को मिले वर्ना आज हर कोई अपने परिजनों को घर से बेघर करने की ठान ली है। मौजूदा समय के सबसे बर्निंग मुद्दे को जाहिर करते हुए आज आमिर खान ने कहा सत्यमेव जयते। जी हां 15 जुलाई को आमिर खान ने अपने रियेलटी शो सत्यमेव जयते में उन बुजुर्गों की जिंदगी पर प्रकाश डाला जिन्हें अपनों ने ही बेघर कर दिया।

सत्यमेव जयते के आज के एपिसोड में आमिर खान ने उन उम्रदराज लोगों की बदहाली का मुद्दा उठाया जिन्हें उनके अपने बच्चे ही ठुकरा देते हैं और वे 'ओल्ड एज होम' में एकाकी जीवन बिताने को मजबूर हो जाते हैं। आमिर ने शो में सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा का जिक्र किया। आमिर ने कहा कि मथुरा सिर्फ कृष्ण की ही नहीं बल्कि उन माताओं की भी नगरी है जो अपनी ही संतान के जुर्म का शिकार है और जीवन काटने को मजबूर हैं। इनमें से कई ऐसी हैं जो समपन्न परिवार से होने के बावजूद दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
एक जमाने में समाज में साख रखने वाली ये मांए अनजान लोगों के सहारे अपनी जिंदगी के आखिरी पल गिन रही हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि अनेक लोग ऐसे हैं जो अपने मां-बाप को अस्पताल में छोड़ कर जाते हैं और कभी नहीं लौटते।
आमिर ने एक रिसर्चर प्रमिला से बातचीत की। उन्होंने बताया दक्षिण भारत में बुजुर्गों को मार डाला जा रहा है। प्रमिला ने बताया कि कई लोगों ने साफ कहा कि उन्होंने अबने मां-बाप को मार डाला। वहां एक शब्द 'कलईकुत्तल' का इस्तेमाल होता है जिसका मतलब होता है नहलाना। लेकिन इसका वास्तविक मतलब है मार डालना।
बुजुर्गों की हत्या के लिए उनके अपने ही बच्चे नीम-हकीमों से उन्हें जहर का इन्जेक्शन लगवा देते हैं। यह नीम-हकीमों की कमाई का अच्छा जरिया बन चुका है। रिसर्च के दौरान प्रमिला एक क्वैक से मिलीं और कहा कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहती हैं, पर इसमें उनके दादा जी बड़ी बाधा बने हुए हैं। वे दिन-रात बिस्तर पर पड़े रहते हैं और उन्हें उनकी देखभाल करनी पड़ती है। वे उनसे छुटकारा पाना चाहती हैं। प्रमिला ने बताया कि कुछ पैसों के बदले वह क्वैक दादा जी को जहर का इन्जेक्शन लगाने को तैयार हो गया।


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