Yodha Movie Review: देशप्रेम की ये कहानी करेगी रोंगटे खड़े, सस्पेंस से घूम जाएगा दिमाग और मुंह से निकलेगा 'वाह

Cast: Sidharth Malhotra, Disha Patani, Raashi Khanna
Director: Sagar Ambre, Pushkar Ojha
Producer: Hiroo Yash Johar, Karan Johar, Shashank Khaitan, Apoorva Mehta
Yodha Movie Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा, दिशा पटानी और राशि खन्ना स्टारर मूवी योद्धा आखिरकार रिलीज हो गई है। सागर अम्ब्रे और पुष्कर ओझा द्वारा निर्देशित, इस मूवी में देशभक्ति का रस दिखाया है। पिछले काफी समय से सिद्धार्थ मल्होत्रा इस तरह की फिल्में कर रहे हैं, जो देश प्रेम से ओत-प्रोत रहती हैं लेकिन इस फिल्म में ऐसा क्या खास है, जो इसे औरों से अलग बनाता है।
'योद्धा' की कहानी अरुण कात्याल नाम के एक कमांडो के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे हाइजैक्ड एयर इंडिया की उड़ान को बचाने का चुनौतीपूर्ण मिशन का काम सौंपा गया है। इस फिल्म में आपको एक्शन देखने को मिलेगा, थ्रिलर देखने को मिलेगा और देखने को मिलेगा तगड़ा सस्पेंस।
क्या है कहानी
इस फिल्म की कहानी है 'योद्धा' टास्क फोर्स की, जिसे अरुण कात्याल के पिता ने शुरू किया और देश की सेवा करते हुए उन्होंने अपनी जान दे दी। पिता की शहादत के बाद अब बेटे का भी सपना है कि वो 'योद्धा' टास्क फोर्स का हिस्सा बने और अपने पिता के नाम को आगे बढ़ाए और ऐसा होता भी है। अरुण कात्याल बड़ा होकर एक जांबाज कमांडो बनता है, जो कई मिशन को अपनी दिलेरी से अंजाम देता है। लेकिन यही दिलेरी अरुण पर भारी पड़ती है।
फिल्म में प्लेन हाइजैक का सीन दिखाया गया है, जिसे कुछ आतंकवादियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस फ्लाइट में एक न्यूक्लियर साइंटिस्ट भी है, जिसकी सुरक्षा के लिए अरुण कात्याल को तैनात किया गया है। अरुण को सही समय पर मदद ना मिलने पर वो अपने मिशन में फेल हो जाता है। आतंकवादी फ्लाइट को लेकर उड़ जाते हैं और साइंटिस्ट को मार डालते हैं। यहीं से अरुण की जिंदगी में डिप्रेशन का मोड़ आता है क्योंकि सरकार 'योद्धा' टास्कफोर्स को निरस्त करने का फैसला लेती है और अरुण अपनी आंखों के सामने ही अपने पिता के सपने को मरते हुए देखता है।
जिस टास्कफोर्स को अरुण के पिता ने शुरू किया, उसे उनके बेटे ने ही बंद करवा दिया। इस दर्द के साथ अरुण का जीना मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी वो इस टास्क फोर्स को बचाने की पूरी कोशिश में लगा रहता है और इस दौरान उसके सभी साथी उसका साथ छोड़कर चले जाते हैं, यहां तक कि उसकी बीवी भी।
कुछ सालों बाद एक बार फिर से एक रहस्यमयी प्लेन हाइजैक होता है और इस प्लेन में अरुण कात्याल भी मौजूद है। इसी हाइजैक से शुरू होती है सस्पेंस की कहानी। असली विलेन कौन है और इस विलेन का असली टार्गेट क्या है? इसे बेहद चालाकी से इस फिल्म में दिखाया गया है।
कैसी है एक्टिंग
फिल्म के लीड एक्टर हैं सिद्धार्थ मल्होत्रा जो बेहद हैंडसम दिख रहे हैं। उन्होंने कई सीन में रुलाया है तो कई सीन में देशप्रेम की भावना जगाई है। राशी खन्ना फिल्म में सिद्धार्थ की पत्नी का रोल निभा रही हैं और अपने रोल में वो एकदम परफेक्ट नजर आ रही हैं। दिशा पाटनी का कैरेक्टर काफी अलग और हैरान कर देने वाला है लेकिन वो भी कमाल की लग रही हैं। फिल्म में सभी एक्टर्स ने बेहतरीन काम किया है।
कैसा है डायरेक्शन
पूरी की पूरी फिल्म हाइजैक ड्रामा के ऊपर है और इस फिल्म में एक नहीं बल्कि दो-दो हाइजैक सीन दिखाए गए हैं। पहले हाइजैक में जहां नाकामी दिखाई गई है तो वहीं दूसरे हाइजैक में इतना सस्पेंस है कि आपका दिमाग ही चकरा जाएगा कि आखिर विलेन है कौन?
पुष्कर ओझा और सागर आम्ब्रे ने बेहद क्लैरिटी के साथ फिल्म के सस्पेंस को प्लान किया है। जब लगता है कि अब सबकुछ ठीक हो गया है, तभी एक और मुसीबत खड़ी हो जाती है। फिल्म में इतना तगड़ा सस्पेंस है कि एक समय में तो आपको फिल्म का हीरो ही विलेन लगने लग जाता है।
ये फिल्म एक कंपलीट पैकेज है। जिसमें ड्रामा है, इमोशन है, एक्शन है और रोंगटे खड़े कर देने वाली देशप्रेम की भावना है। इस फिल्म का आखिरी सीन आपको खड़े होकर ताली बजाने पर मजबूर कर देगा। अगर आपको भी इस तरह की फिल्में पसंद है जो देशभक्ति से लबालब हों तो आपको ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए।


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