Yamla Pagla Deewana Phir Se Movie Review: देओल फैमिली आपका दिल तोड़ देगी, अपने रिस्क पर देखें
यमला पगला दीवाना फिर से एक कोर्टरूम सीन में कुछ लोग धर्मेंद्र से पूछते हैं कि वे इसके बाद क्या करने वाले हैं। जिस पर धर्मेंद्र बड़े ही उत्साहित होकर जवाब देते हैं 'टाइम पास।' वहीं इस बोरिंग फिल्म को देखने के दौरान एक टाइम ही है जो 'पास' नहीं होता। ये फिल्म आपको कई जगह एंटरटेनिंक कॉमेडी के नाम पर उबाऊ लेगेगी। यमला पगला दीवाना फिर से एसी के टेंपरेटर से भी ज्यदा ठंडी पड़ जाती है।
प्लॉट क्या है? खैर हम इस बिखरी हुई फिल्म में प्लॉट ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं। वैद्य पुराण (सनी देओल) एक आयुर्वेदिक वैद्य हैं जिनके पास वज्र कवच नाम का एक कमाल का फॉर्मूला है जो उनके पुरखों ने इजाद किया था। ये फॉर्मूला मुहासों से लेकर नपुंसकता हर बीमारी का इलाज कर सकती है। इस फॉर्मूले पर नजर होती एक बहुत बड़ी दवा कंपनी की जो किसी तरह इसे हासिल करना चाहती है। वहीं पुराण सिर्फ एक पुरुष नहीं है बल्कि महापुरुष है। जो मरीजों के इलाज के साथ-साथ सुपरमैन को भी टक्कर देते हैं। कभी चलते ट्रक को अपने हाथों से रोक कर तो कभी गुंडों की पिटाई करते वक्त भूकंप ला कर।

पुराण का भाई काला (बॉबी देओल) जो कि एक 40 साल का कुंवारा है। कैनेडा में घर बसाने के सपने देखता और अपने लिए सपनों की रानी की तलाश कर रहा है। वहीं आखिर में इस तिकड़ी को पूरा करते हैं एक किराएदार जयंत परमार (धर्मेंद्र), एक जाने माने वकील जो काल्पनिक परियों के साथ फ्लर्ट करते हैं और साइड कार वाला स्कूटक चलाते हैं जिसपर एक कारवां म्यूजिक बॉक्स रखा होता है।


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