जेल के अंदर कौन?
जेल के अंदर कौन?
निर्देशक- मधुर भंडारकर
फैशन के बाद मधुर भंडारकर की अगली फिल्म जेल है। मधुर की शैली दूसरों से अलग है और इसलिए उनकी फिल्मों का दर्शक वर्ग भी अलग है। ये दर्शक वर्ग ना सिर्फ इन फिल्मों को देखता है, समझता है बल्कि उन्हे महसूसता भी है। ।
उनकी फिल्मों का मजबूत पक्ष उसका कथ्य या स्टोरी लाइन होती है। इसी पर उनकी फिल्म टिकती है। जेल भी उनकी फिल्मों चांदनी बार और पेज थ्री से अलग नहीं है। जेल में जेल के बाहर और अंदर की दुनिया की तमाम कड़वाहट सीधे दर्शकों के गले में उतरेगी।
जेल का नायक पराग( नील नितिन मुकेश) एक संजीदा किरदार है। बॉलीवुड की सभी फिल्मों के नायकों की तरह दुनिया की बेहतरीन चीजें उसकी मुट्ठी में है। पर उसकी मुट्ठी से बाहर क्या है, इसका पता चलता है उसे जेल के अंदर आकर। मुग्धा का अभिनय भूमिका के लिहाज से बेहतर है।
मधुर, सपनीली दुनिया में रहने वाले लोगों को यथार्थ की सलाखों के पीछे ले जाकर, सच का पुलिसिया डंडा मारने वाले हैं। इस दुनिया के लोग पराग के ऊपर पड़ने वाले हर डंडे को खुद पर बरसता पाएंगे, ये तय है। यही निर्देशक का मकसद भी है।
इस दृष्टि से मधुर एक बार फिर अपने दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरे साबित हुए हैं। मधुर की जेल के अंदर दर्शंकों का आना पक्का है।


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