वेलकम टू न्यूयॉर्क रिव्यू - एक तो हद बेवकूफी और सलमान खान भी चले आए!
हर चमकती चीज सोना नहीं होती। चकरी टोलटी की वेलकम टू न्यूयॉर्क इस बात को साबित करती है।IIFA अवार्ड्स की मदद से बनाई गई इस फिल्म को देखते समय ही आपके मन में पहला सवाल आया होगा कि इस फिल्म को बनाया क्यों गया? मेकर्स बनाने से पहले सोच क्या रहे थे?

फिल्म की शुरुआत में क्रेडिट के समय से ही लिखा होता है ' इस साल आईफा अवार्ड्स में अपनी मौजूदगी दर्द कराने के लिए सभी सेलिब्रिटी का धन्यवाद। आप खुद इसे देखकर सोचेंगे कि ये हो क्या रहा है। इसके बाद एक गाना आता है जिसमें वरुण धवन, तापसी पन्नू, अनिल कपूर, सोनू सूद ऑनस्क्रीन अपनी नकली हंसी दिखाते नजर आते हैं और ये बिल्कुल भी फनी नहीं लगता है।अब बात प्लॉट की करते हैं। फिल्म की शुरुआत एक मीटिंग रूम से होती है जहां गैरी (बोमन ईरानी) और उसकी सहायक आईफा अवार्ड्स को लेकर अपनी बड़े प्लान के बारे में बता रहे हैं।आईफाअवार्ड्स - एक टैलेंट हंट जहां विनर को ग्रीन कार्पेट पर स्टार्स के साथ चलने का मौका मिलेगा। बदकिस्मती से चीजें थोड़ी बदल जाती है औ सोफी बदला लेने के गैरी के शो को बरबाद करना चाहती है।
सोफी जानबुझकर रिकवरी एजेंट, तेजी (दिलजीत दोसांझ) जो संघर्ष कर रहा एक्टर है उसको हटाकर एक फैशन डिजाइनर जिनल पटेल (सोनाक्षी सिन्हा) टैलेंट हंट का विजेता घोषित कर देती है। सोफी सोचती है कि ऐसा करने से गैरी का करियर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।इनसब के बीच अर्जुन (करण जौहर) एक गैंगस्टर हैं जिसकी किसी समय में अच्छी धाक होती है। लेकिन वो दिखता कुछ कुछ होता है , कभी खुशी कभी गम के डायरेक्टर करण जौहर जैसा है। अर्जुन का अंतिम लक्ष्य करण जौहर को खत्म करना है।
इसके अलावा बाकी फिल्म तेजी और जिनल के इर्द गिर्द घूमती है तो वहीं अर्जुन करण जौहर से बदला लेने की कोशिश करता है। दिलजीत दोसांझ जैसे टैलेंटेड एक्टर को इस तरह की फिल्म का हिस्सा बने देखकर दुख होता है। एक्टर ने फिल्म में बहुत जगह चीजें सही करने की कोशिश की है लेकिन फिल्म इतनी बुरे तरीके से लिखी गई है कि वो भी कुछ नहीं कर सकते। सोनाक्षी सिन्हा को गुजराती लड़की के रूप में जिस तरह से दिखाया गया है वो और भी ज्यादा अजीब है। ये 2018 है और कब बॉलीवुड को ये समझ आएगा।
फिल्म में जिनल का सलमान खान के साथ ड्रीम सीक्वेंस आपको हंसाने की कोशिश करता है लेकिन शायद ही किसी को हंसी आए। करण जौहर कने किसी तरह कहीं कहीं हंसाने की कोशिश की है।वो अपने रियल लाइफ ऑब्सेशन का मजाक उठाते दिखे हैं लेकिन वो ज्यादा असरदार नहीं है। बोमन ईरानी और लारा दत्ता भी फिल्म को डूबने से बचाने में सफल नहीं हुए। यहां तक कि रितेश देशमुख भी फिल्म में जगह कॉमेडी का तड़का लगाने की कोशिश करते हैं लेकिन फवो भी आपको शायद ही हंसा पाए। राणा डग्गुबाती भी बाहुबली मोड में नजर आते हैं जो बिल्कुल भी दिलचस्प नहीं है तो सुशांत सिंह राजपूत का कैमियो भी बरबाद कर दिया गया।
ये भी ना भूलें कि फिल्म आदित्य कपूर और कैटरीना कैफ अपना रियल लाइफ किरदार निभा रहे हैं और एक्टिंग की सलाह दे रहे हैं, अब इसके आगे हम कुछ नहीं ही बोले तो अच्छा होगा। फिल्म में इश्तेहार गाना छोड़ कर बाकी गाने फिल्म को बढ़ाते हैं। वेलकम टू न्यूयॉर्क ऐसी फिल्म है जिसे देखकर एक्टर भी चाहेंगे कि ये फिल्म उनकी फिल्मोग्राफी में ना रहे। अगर कम शब्दों में कहा जाए तो फिल्म में कुछ ऐसा नहीं है जिसका आप खुले दिल से स्वागत करेंगे। फिल्म पूरी तरह खोखली है और इसके ऊपर D-I-S-A-S-T-E-R लिखा हुआ है।इस फिल्म से आप एक हाथ की दूरी बनाए रखें यही बेहतर होगा।
कास्ट - दिलजीत दोसांझ, सोनाक्षी सिन्हा, करण जौहर, बोमन ईरानी, लारा दत्ता, रितेश देशमुख
डायरेक्टर - चकेरी टोलेटी


Click it and Unblock the Notifications













