FILM REVIEW: वेलकम टू कराची- भारत-पाकिस्तान और अमेरिका पर राजनीतिक व्यंग्य
अरशद वारसी और जैकी भगनानी की फिल्म वेलकम टू कराची आज सिनेमाहॉल में रिलीज हो रही है। दर्शकों को फिल्म से काफी उम्मीदें हैं, और इन उम्मीदों के पीछे मुन्नाभाई सीरीज के सर्किट, जॉली एलएलबी के हीरो अरशद वारसी का होना मुख्य वजह है। लेकिन फिल्म देखने के बाद कहीं ना कहीं आपकी ये उम्मीदें अधूरी ही रहने वाली हैं।
वहीं दूसरी और यंगिस्तान, पिया रंगरेज जैसी फिल्मों से अपने अभिनय के शुरुआती सफर तय करने वाली जैकी भगनानी ने इस फिल्म की नैया को थोड़ा सहारा जरुर दिया है। वेलकम 2 कराची फिल्म में जैकी भगनानी ने बेहतरीन काम किया है और उनका अभिनय, उनके हाव भाव आपको जरुर हंसने पर मजबूर कर देंगे।
कहानी शुरू होती है शम्मी ठाकुर (अरशद वारसी) से जो कि कोर्ट में मुकदमा लड़ रहा है। शम्मी पर एक पनडुब्बी डुबा देने का इलज़ाम लगा है। दूसरी तरफ केदार पटेल (जैकी भगनानी) को अमरीका जाना है पर उसके पास वीज़ा नहीं है। ऐसे में शम्मी केदार को देता है अमरीका जाने का आईडिया....पर पनडुब्बी से। ऐसे में दोनों कैसे अमरीका जाने में पहुंचते हैं कराची....यही है फिल्म की मज़ेदार कहानी!
कहानी
वेलकम 2 कराची फिल्म की कहानी की बात करें तो कहा जा सकता है कि पन्नों पर ये स्टोरी बेहतरीन रही होगी। लेकिन उसे परदे पर उतारने में कहीं ना कहीं निर्देशक चूक गये। कहानी में शुरु से लेकर अंत तक कई सारी ऐसी बातें थीं जो पढ़ने पर आपको जरुर मजेदार लगें लेकिन उन्हें परदे पर देखते समय आपको लगेगा कि ये क्या हो रहा है।
किरदार
हालांकि फिल्म में अरशद वारसी जैसे कलाकार हैं और उनकी कॉमिक टाईमिंग ज़बर्दस्त है लेकिन उन पर जैकी भगनानी जैसे कलाकार भी भारी पड़े हैं। जैकी की कॉमिक टाईमिंग अरशद से बेहतर ना सही लेकिन उन्हें अभिनय में कमतर आंकना बेमानी होगी।
पटकथा
फिल्म के शुरू के मिनटों में समझ ही नहीं आता कि कहानी किधर जा रही है। हर जगह फिल्म में बिखराव है और कहानी टूटी और अलग थलग नज़र आती है। कॉमेडी में व्यंग्य का ये मिक्सचर कहीं कहीं मज़ेदार नहीं लगा है।
संगीत
लल्ला लल्ला लोरी तो पहले ही विवाद खड़ा कर चुकी है। फिल्म के बाकी गाने भी बेफिज़ूल है। अगर गाने हटा दिये जाएं तो कहानी को और कसी हुई बनाया जा सकता था। यहीं पर निर्देशक चूक गए हैं।
कन्फ्यूजन
फिल्म के कुछ दृश्य अजीब है। पाकिस्तान में चाय वाले के पास भी बंदूक होना निगेटिव छवि छोड़ता है। वहीं कई जगह ज़बर्दस्ती पाकिस्तानियों को किसी भी बात पर गोलियां चलाते दिखाया गया है।
हिट या मिस
फिल्म अरशद की कॉमिक टाईमिंग और ठीकठाक व्यंग्य के लिए देखी जा सकती है। वहीं जैकी भगनानी की अदाकारी में भी कुछ नया देखने को मिलेगा। हमारी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार!


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