Warning फिल्म रिव्यू- जरा सोच समझकर जाएं थियेटर!
(सोनिका मिश्रा) वॉर्निगं फिल्म जो कि गुरमीत सिंह की बतौर निर्देशक पहली फिल्म है बॉक्स ऑफिस पर चले ना चले लेकिन फिल्म को देखने के बाद ये यकीन जरुर होता है कि बॉलीवुड ने हॉलीवुड की नकल करने की जो शुरुआत की है ये शुरुआत इन्हें डुबो कर रहेगी। अच्छी कहानियों, अच्छे कंसेप्ट के बाद भी इंडियन निर्देशकों के अदंर कहानी को खींचने की जो आदत है वो बदल नहीं सकती। वार्निंग फिल्म को देखने के बाद आपको भी कुछ ऐसा ही महसूस होगा। फिल्म में अच्छे सीन्स और सिनेमैटोग्राफी के लिए पूरा स्पेस था लेकिन शायद निर्देशक ने कहीं कहीं पर इस स्पेस को ज्यादा यूज नहीं किया।
वॉर्निंग कहानी है पांच स्कूल के दोस्तों की जो कि अपनी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाते हैं और फिर एक दिन एक दूसरे की याद आने पर सभी एक साथ मिलने का और पुरानी यादें ताजा करने का फैसला करते हैं। फिजी में रह रहे पांचों दोस्तों में से एक दोस्त बाकी चारों को वहां पर बुलाता है छुट्टियां मनाने के लिए। एक साथ मिलने की खुशी में पांचों दोस्त याट पर घूमने निकल पड़ते हैं और समंदर की सैर के दौरान जमकर दारू पी लेते हैं। फिर वो पानी में स्विमिंग करने उतरते हैं और नीचे ही फंस जाते हैं।
याट पर से उतरते समय गलती से याट की ऊपर चढ़ने वाली सीढी ऊपर हो जाती है और सभी नीचे ही फंस जाते हैं। नीचे रह जाने के चक्कर में सभी को कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और पांचों दोस्तों में से एक लड़की बचती है जो कि अपनी छोटी बच्ची और पति के साथ वहां आई होती है।


Click it and Unblock the Notifications