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    Uunchai Movie Review: इमोशंस से भरपूर है दोस्ती पर बनी सूरज बड़जात्या की फिल्म, परफेक्ट स्टारकास्ट

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    Rating:
    3.5/5

    निर्देशक- सूरज बड़जात्या
    कलाकार- अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, बोमन ईरानी, नीना गुप्ता, परिणिती चोपड़ा, सारिका, डैनी डेन्जोंगपा

    सूरज बड़जात्या ने इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान कहा था कि 'ऊंचाई' के लिए उन्होंने खुद के बनाए सारे बंधन तोड़ दिये हैं। ना इस फिल्म में शादी- संगीत है, ना बड़ी फैमिली, ना प्रेम है, ना ही हर फंक्शन के गाने। लेकिन फिर भी इस फिल्म में उनकी जो छाप रह जाती है, वो है सादगी, भावनाएं और रिश्ते.. जो इस फिल्म को बेहद खूबसूरत बनाती है। ऊंचाई की कहानी तीन दोस्तों की है, जो अपने अन्य दोस्त की आखिरी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग करते हैं। लेकिन ये ट्रेक उनके लिए एक व्यक्तिगत, भावनात्मक और आध्यात्मिक सफर बन जाता है। यह कहानी सिर्फ दोस्ती की नहीं है, बल्कि यह तीन दोस्तों के सफर के जरीए बताती है कि "परिवर्तन ही संसार का नियम है।"

    "सब कुछ बदल क्यों जाता है अमित.. इंसान की सोच, फितरत, जगह.. सब कुछ स्थिर क्यों नहीं रह जाता!" नदी किनारे उदास बैठे ओम (अनुपम खेर) अपने दोस्त से पूछते हैं। लेकिन इसका जवाब उन्हें एवरेस्ट बेक कैंप की सफर के दौरान मिल जाता है। कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर होते हुए.. दिल्ली से काठमांडू के इस रोड ट्रिप में जीवन के कई सबक हैं। अच्छी बात है कि निर्देशक कहानी को मेलोड्रामा से काफी बचाकर रखते हैं।

    कहानी

    कहानी

    नेपाल में पैदा हुए भूपेन (डैनी डेन्जोंगपा) का सपना है कि वह अपने दोस्त अमित (अमिताभ बच्चन), ओम (अनुपम खेर) और जावेद (बोमन ईरानी) के साथ एवरेस्ट पर चढ़े। लेकिन ट्रेक की सबसे बड़ी चुनौती है उनकी उम्र.. चारों दोस्त वरिष्ठ नागरिक हैं और एवरेस्ट चढ़ना उनके लिए असंभव सा काम था। भूपेन के सपने को बाकी तीनों दोस्त टालते गए.. लेकिन उन्हें झटका तब मिला, जब एक दिन अचानक ही चारों में सबसे फिट रहे भूपेन की मृत्यु हो जाती है। दोस्त के जाने का दुख ही उनकी प्रेरणा बनती है और वे अपने दोस्त की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर जाने का फैसला करते हैं। इस सफर के दौरान वो माला (सारिका) से जुड़ते हैं। तमाम व्यक्तिगत, भावनात्मक और उम्र संबंधी बाधाओं से लड़ते हुए.. क्या ये चारों भूपेन की अंतिम इंच्छा को पूरा करने में सफल होते हैं? यही है ऊंचाई की कहानी।

    अभिनय

    अभिनय

    फिल्म के सबसे मजबूत पक्ष हैं इसके कलाकार, जो अपने किरदारों में बिल्कुल परफेक्ट दिखते हैं। अमित श्रीवास्तव के किरदार में अमिताभ बच्चन एक मस्तमौला और सफल लेखक के तौर पर दिखते हैं, लेकिन कहानी बढ़ने के साथ साथ उनका दर्द सामने आने लगता है, जो दर्शकों की आंखों में आंसू लाने के लिए काफी है। वहीं, ओम और जावेद के किरदार में अनुपम खेर और बोमन ईरानी अपने अभिनय से दिल जीत लेते हैं। उनके हिस्से में कई कॉमिक सीन्स भी हैं, वहीं इमोशनल करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। जावेद की पत्नी सबीना के रूप में नीना गुप्ता , माला त्रिवेदी के रूप में सारिका और टूर गाइड बनीं परिणीति चोपड़ा अपने किरदारों में बेहतरीन लगे हैं। खास बात है कि निर्देशक ने इन तीनों किरदारों में भी एक गहराई दी है, जो आपको उनके बारे में काफी कुछ बता जाती है। डैनी डेन्जोंगपा को बड़े पर्दे पर देखना बहुत अच्छा रहा।

    निर्देशन

    निर्देशन

    सूरज बड़जात्या की फिल्म के किरदारों में हमेशा एक सादगी और मासूमियत दिखती है। निर्देशक का अपने किरदारों के प्रति और भावनाओं के प्रति दृढ़ विश्वास है जो हमें अमित, जावेद, ओम और माला की यात्रा में विश्वास दिलाता है। ऊंचाई की कहानी भले ही दोस्ती पर आधारित है.. लेकिन यह companionship और जैनरेशन गैप पर भी बात करती है। कई सब- प्लॉट्स के साथ निर्देशक ने दिखाया है कि कैसे माता-पिता हमेशा सही नहीं होते हैं, या बच्चे हमेशा गलत निर्णय ही नहीं लेते हैं.. कैसे कभी प्यार सांसारिक सुख-सुविधाओं के आगे झुक जाता है..और कैसे परिवर्तन संसार का नियम है।

    उंचाई का फर्स्ट हॉफ कुछ कॉमेडी, कुछ ट्रैजेडी में काफी तेजी से गुजर जाता है। जबकि सेकेंड हॉफ का ज्यादातर हिस्सा ट्रेकिंग और ट्रेक के दौरान आने वाले बाधाओं को दिखाता है। कहना गलत नहीं होगा कि शायद यह सूरज बड़जात्या की सबसे आकर्षक फिल्मों में से एक है। फिल्म का क्लाईमैक्स एक 'फील गुड' मोमेंट के साथ आपको छोड़ता है।

    तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    मनोज कुमार खतोई अपने कैमरे से दिल्ली, आगरा, लखनऊ से लेकर ऐवरेस्ट तक की खूबसूरती को बखूबी कैप्चर करते हैं। और इस खूबसूरती को बढ़ाता है फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर, जो जॉर्ज जोसेफ द्वारा रचित है। वहीं, फिल्म के कमजोर पक्ष की बात करें तो वो है इसकी लंबाई। सेकेंड हॉफ में फिल्म कई जगहों पर खिंचा हुआ लगता है, जिसे एडिटिंग के दौरान 20-25 मिनट आराम से कसा जा सकता था।

    संगीत

    संगीत

    इस फिल्म के गाने अमित त्रिवेदी ने कंपोज किए हैं और गाने के बोल लिखे हैं इरशाद कामिल ने.. जो कि शानदार है। जहां 'केटी को' अपने धुन की वजह से आपके दिमाग में घर कर लेती है.. वहीं 'लड़की पहाड़ी' के खूबसूरत बोल याद रह जाते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म के गाने कहानी को एक ऊंचाई देते हैं। अच्छी बात है कि यह गाने कहीं भी जबरदस्ती डाले गए नहीं लगते हैं, बल्कि गानों को बेहतरीन तरीके से कहानी में शामिल किया गया है।

    रेटिंग- 3.5 स्टार

    रेटिंग- 3.5 स्टार

    सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी फिल्म 'ऊंचाई' एक सिंपल, इमोशनल और फैमिली फिल्म है, जिसे आप अपने माता- पिता और दोस्तों के साथ जरूर देखना चाहेंगे। साथ ही इसकी शानदार स्टारकास्ट अपने अभिनय से दिल जीत ले जाती है। लंबे समय से दर्शकों को शिकायत है कि बॉलीवुड कुछ नया नहीं परोस रही है.. ऐसे में ऊंचाई उनकी शिकायत दूर सकती है। 'ऊंचाई' को फिल्मीबीट की ओर से 3.5 स्टार।

    English summary
    Amitabh Bachchan, Anupam Kher and Boman Irani starrer film Uunchai is running in theatres now. This Sooraj Barjatya film on friendship is full of warmth and emotions.
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