Tu Jhoothi Main Makkaar Movie Review: लव रंजन की रॉम- कॉम दुनिया में रणबीर- श्रद्धा की खूबसूरत एंट्री

निर्देशक- लव रंजन
कलाकार- रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, अनुभव सिंह बस्सी, डिंपल कपाड़िया, बोनी कपूर, हसलीन कौर, मोनिका चौधरी
"आजकल रिलेशनशिप में घुसना आसान है, उसमें से निकलना मुश्किल, रिश्ता जोड़ना आसान है, तोड़ना मुश्किल.." इसी तोड़ने और जोड़ने के बीच चलती है लव रंजन की फिल्म 'तू झूठी मैं मक्कार'। एक अमीर खूबसूरत लड़का और एक इंडिपेंडेंट खूबसूरत लड़की मिलते हैं, दोनों में प्यार होता है, परिवार राजी हो जाते हैं और बात शादी तक पहुंच जाती है। अब इस लव स्टोरी में निर्देशक डालते हैं ट्विस्ट और लाते हैं थोड़ा सा ड्रामा.. और बन जाती है ढ़ाई घंटे की फिल्म।
लव रंजन की ये पहली फिल्म है, जिसमें कार्तिक आर्यन लीड एक्टर नहीं है। वो पहली बार रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर बड़े पर्दे पर साथ लेकर आए हैं और कहीं ना कहीं इस जोड़े की फ्रेशनेस फिल्म के पक्ष में काम करती है।
कहानी
दिल्ली के अमीर बिजनेस परिवार का बेटा है मिकी (रणबीर कपूर), जो अपने दोस्त डबास (अनुभव सिंह बस्सी) की बैचेलर पार्टी में टिन्नी (श्रद्धा कपूर) से मिलता है और पहली नजर में ही आकर्षित हो जाता है। टाइमपास की तरह शुरु हुआ रिश्ता गंभीर हो जाता है और दोनों की बात शादी तक पहुंच जाती है। टिन्नी 9-5 जॉब करने वाली एक इंडिपेंडेंट लड़की है, वहीं दिल्ली में मिकी अपनी मां (डिंपल कपाड़िया), पिता (बोनी कपूर), दादी (जतिंदर कौर), बहन (हसलीन कौर), बहनोई (अंबर राणा) और भतीजी स्वीटू (इनायत वर्मा) के साथ रहता है। परिवार में सभी खुले विचारवाले हैं, लिहाजा जल्द ही टिन्नी को अपना भी बना लेते हैं। लेकिन फिर आता है ट्विस्ट। दोनों के रिश्ते में दरार आ जाती है और दोनों अलग हो जाते हैं। कुछ वक्त के बाद जब दोनों दोबारा आमने सामने आते हैं और कई बातें खुलती हैं। क्या एक दूसरे की भावनाओं को समझते हुए दोनों सुलह कर पाएंगे? इसी के इर्द गिर्द घूमती है कहानी।
अभिनय
रणबीर कपूर ऑन-स्क्रीन काफी प्रभावी दिखते हैं। ढीले-ढाले कथानक के बावजूद उन्होंने मिकी के रूप में अच्छा काम किया है। अपनी कॉमिक टाइमिंग से लेकर शर्टलेस सीन्स तक, रणबीर ने एक बार फिर इंप्रेस किया है। हालांकि, लव रंजन स्पेशल मोनोलॉग्स में वो कहीं खोए से लगते हैं। वहीं, टिन्नी के किरदार में श्रद्धा कपूर ने बेहतरीन काम किया है। कोई दो राय नहीं कि ये उनके करियर की बेस्ट भूमिकाओं में गिना जाएगा। स्क्रीन पर श्रद्धा बहुत कॉफिडेंट और बहुत ग्लैमरस दिखी हैं। रणबीर और श्रद्धा की जोड़ी अच्छी लगती है। वहीं, फिल्म को जो मजबूती देते हैं कि वो हैं इसके सपोर्टिंग कास्ट। रणबीर की मां की भूमिका में डिंपल कपाड़िया और दोस्त की भूमिका में अनुभव सिंह बस्सी फिल्म में एक ताजगी लाते हैं। दोनों की कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है। वहीं, काश बोनी कपूर को थोड़ा और स्क्रीन स्पेस दिया जाता। फिल्म में दो खास कैमियो भी हैं, जो दिलचस्प हैं।
निर्देशन
निर्देशक लव रंजन ने एक सामान्य से मुद्दे को छुआ है, जिससे आज के समय में काफी कपल गुजरते हैं। लेकिन फिल्म की कहानी कमजोर है। खासकर फर्स्ट हॉफ बहुत खिंचा हुआ लगता है, सेकेंड हॉफ में ड्रामा है, जो बांधे रखता है। वहीं, क्लाईमैक्स दर्शकों को एक अच्छे मूड के साथ छोड़ता है। यहां कहानी में एक बड़े कान्फ्लिक्ट की कमी दिखती है। लव रंजन, जिन्हें सोनू के टीटू की स्वीटी, प्यार का पंचनामा 1 और प्यार का पंचनामा 2 जैसी हिट फिल्मों के लिए जाना जाता है, इस बार एक परफेक्ट रॉम -कॉम देने से चूक गए हैं। फिल्म हिस्सों में अच्छी है। संवाद और पंचलाइन कुछ हिस्सों में सीटी बजाने लायक हैं, वहीं कुछ हिस्सों में भावुक भी करते हैं।
तकनीकी पक्ष
सिनेमेटोग्राफर संथाना कृष्णन रविचंद्रन ने हर फ्रेम को भव्य रखा है। खासकर फिल्म के फर्स्ट हॉफ में सब कुछ ग्रैंड दिखता है, गुरुग्राम का मॉल हो या स्पेन। लेकिन सेकेंड हॉफ इंटिमेट है। यहां परिवार और एक कपल के बीच की भावनाओं को दिखाया गया है, लिहाजा इससे ज्यादा जुड़ाव महसूस होता है। हितेश सोनिक का बैकग्राउंड स्कोर पॉजिटिव पक्ष है। वहीं, एडिटिंग एक कमजोर कड़ी है। अकीव अली का संपादन फिल्म को थोड़ा और चुस्त बना सकता था। फिल्म को कम से कम 15 मिनट आराम से छांटा जा सकता था, जिससे ये ज्यादा प्रभावी लगती।
संगीत
फिल्म का संगीत दिया है प्रीतम ने, जबकि लिरिक्स अमिताभ भट्टाचार्य द्वारा लिखे गए हैं। फिल्म में चार गाने हैं और कहीं ना कहीं ये कहानी को थोड़ी और एनर्जी देते हैं। "तेरे प्यार में", "प्यार होता कई बार है" और "शो मी द ठुमका" में जहां रणबीर और श्रद्धा की ऊर्जा का पूरा फायदा उठाया गया है, वहीं अरिजित सिंह की आवाज में "ओ बेदरदेया" आपको इमोशनल कर जाता है। लंबे समय के बाद, किसी फिल्म के एल्बम में सभी ओरिजनल गाने देखना सुखद है।
रेटिंग- 3 स्टार
यदि आप रॉम-कॉम जॉनर के फैन हैं तो थोड़ी निराशा हो सकती है। लव रंजन आज के समय की लव स्टोरी और कपल के बीच आने वाली बाधाओं को दिखाने की कोशिश करते हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट में थोड़ी कमियां हैं, हालांकि ओवरऑल फिल्म एन्जॉय करने के कुछ मौके देती है। वहीं, रणबीर कपूर- श्रद्धा कपूर की जोड़ी को बड़े पर्दे पर देखना दिलचस्प है। फिल्मीबीट की ओर से 'तू झूठी मैं मक्कार' को 3 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications











