Tiger 3 Movie Review: इस स्पाई थ्रिलर को बचाती है सलमान खान की दहाड़ और कैटरीना कैफ का दम

निर्देशक- मनीष शर्मा
कलाकार- सलमान खान, कैटरीना कैफ, इमरान हाशमी, रेवती, आशुतोष राणा, रिद्धि डोगरा, विशाल जेठवा
"देश के अमन और देश के दुश्मनों के बीच कितना फ़सला है.... बस एक आदमी का.. टाइगर", रॉ चीफ (रेवती) अपनी टीम से कहती हैं। तालिबान पर नजर रख रहे एक एजेंट की जान खतरे में है, जिसकी जान बचाने के लिए वो टाइगर को एक मिशन के लिए जोड़ती हैं।
टाइगर 3 यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की पांचवी फिल्म है। इसकी शुरुआत साल 2012 में एक था टाइगर से हुई। उसके बाद, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान जैसी फिल्में इससे जुड़ती गईं। इसकी सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। अब जबकि टाइगर और ज़ोया एक बार फिर बड़े पर्दे पर टाइगर 3 के साथ आए हैं, इसका उत्साह आप फैंस के बीच महसूस कर सकते हैं। मुंबई में सुबह 6.30 बजे का शो लगभग हाउसफुल था। लेकिन क्या फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है? जानें यहां
कहानी
शुरुआत होती है 1999 से, जो जोया (कैटरीना कैफ) की इमोशनल बैक स्टोरी के रूप में काम करती है। यही पृष्ठभूमि वर्तमान की कहानी गढ़ती है, जहां टाइगर (सलमान खान) गोपी (रणवीर शौरी) से जुड़े एक मिशन 'टाइमपास' को खत्म कर घर वापस आता है। पटकथा में एक मोड़ आता है, जो टाइगर और ज़ोया को अलग-अलग रास्तों पर ले जाता है। इसके साथ ही एंट्री होती है आतिश रहमान की, पाकिस्तानी आर्मी का एक्स अफसर, जिसे ज़ोया के गुरु के रूप में दिखाया गया है। जिसकी जिंदगी का दो ही मकसद है- पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनना और भारत की बर्बादी। वह डेमोक्रेसी के खिलाफ है। लेकिन उसे पता है कि उसके मकसद के बीच सिर्फ एक ही आदमी आ सकता है, वो है टाइगर। इसीलिए इस दफा वो ये लड़ाई धमाकों से नहीं, बल्कि दिमाग से लड़ता है। ऐसे में टाइगर और ज़ोया क्या एक होकर आतिश के मकसद को नाकाम कर पाएंगे? यही है पूरी कहानी।
अभिनय
सलमान खान टाइगर हैं। ये किरदार उन्हें ध्यान में रखकर ही बुना गया है और सलमान भी इसमें रच बस गए हैं। ज़ोया के साथ उनकी केमिस्ट्री जबरदस्त दिखती है। कहना गलत नहीं होगा कि सलमान- कैटरीना की केमिस्ट्री फिल्म को काफी हद तक बचाती है। टाइगर के रूप में सलमान खान ने तो जमकर एक्शन किया ही है। लेकिन ये फिल्म कैटरीना को एक ठोस पृष्ठभूमि और मजबूत मकसद देती है। यहां उनके कैरेक्टर को शानदार आर्क दिया गया है। वहीं, कैट को एक्शन सीन्स में देखना एक शानदार अनुभव होता है। लेकिन फिल्म में विलेन के रूप में लाए गए इमरान हाशमी निराश करते हैं। यहां गलती उनकी नहीं है। बल्कि लेखन की है। उनके किरदार को काफी घिसे पिटे अंदाज में दिखाया गया है, जिस वजह से टाइगर का मिशन का खास प्रभाव नहीं छोड़ता। कहीं ना कहीं, उन्हें देखकर आपको जिम (जॉन अब्राहम, पठान) की याद भी आएगी। एक एजेंट को व्यक्तिगत कारणों से कर्तव्यविमुख हो गया। फिल्म के ट्रेलर और प्रोमो के बाद, काफी उम्मीद थी कि इमरान बतौर विलेन जबरदस्त सरप्राइज करेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। पठान (शाहरुख खान) का कैमियो फिल्म की हाईलाइट है। दोनों के एक्शन सीक्वेंस की कोरियोग्राफी भी काफी शानदार की गई है। विशाल जेठवा भी अपने छोटे से रोल में इंप्रेस करते हैं।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
टाइगर 3 का प्लॉट रोमांचक है, लेकिन पटकथा काफी उतार-चढ़ाव से भरी हुई है। ट्विस्ट एंड टर्न्स का अनुमान आप पहले से लगा सकते हैं, लिहाजा कोई सरप्राइज एलिमेंट नहीं रह जाता। मनीष शर्मा फिल्म की शुरुआत अच्छी करते हैं, लेकिन इंटरवल तक पहुंचते पहुंचते यह सामान्य सी फिल्म बनकर रह जाती है। टाइगर फ्रैंचाइजी की फिल्मों को सलमान खान सुपरहीरो होते हैं.. यहां उसी सुपरहीरो की कमी लगी। साथ ही डायलॉग्स भी औसत हैं। फिल्म के एक्शन सीन्स और डायलॉग्स में वो बात नहीं है, जो दर्शकों को तालियां पीटने पर मजबूर कर दे। वीएफएक्स कमजोर है, साथ ही बैकग्राउंड स्कोर में नएपन का अभाव है। अनय गोस्वामी की सिनेमैटोग्राफी स्पाई- थ्रिलर को थोड़ा दिलचस्प बनाती है, जिसकी कहानी यूरोप, रूस, इस्तांबुल, भारत और पाकिस्तान तक घूमती है।
रेटिंग
यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का पांचवी फिल्म है टाइगर 3, और ये फिल्म इस यूनिवर्स की आने वाली दो फिल्में- वॉर 2 और टाइगर वर्सेस पठान की बुनियाद रखती है। लिहाजा, इस क्रम में यह अहम फिल्म साबित होती है। साथ ही यदि आप टाइगर और जोया के फैन हैं, तो टाइगर 3 आपको निराश नहीं करेगी। फिल्म में दोनों स्टार्स ने अपना बेहतरीन दिया है, लेकिन पटकथा कमजोर है। फिल्मीबीट की ओर से टाइगर 3 को 3 स्टार।


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