द हाउस नेक्सट डोर रिव्यू..डर आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है..शानदार..जबरदस्त
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प्रोड्यूसर: सिद्धार्थ
लेखक: मिलिंद राउ, सिद्धार्थ
क्या है खास: कहानी, क्रियान्वयन, परफॉर्मेंस, सिनेमेटोग्राफी
क्या है बकवास: दूसरे हाफ में फिल्म थोड़ी लड़खड़ा जाती है।
आइकॉनिक मोमेंट: जेनी का जादू टोना और उसका आत्मा के साथ बाथरुम में एंकाउंटर होता है, एक सीन जहां डिक्टाफोन को देखकर ऐसा लगता है कि इसके पास दिमाग है।
तमिल भाषा में बनाई गई ये फिल्म एक अच्छी हॉरर फिल्म बनने की काबिलियत रखती है। सिद्धार्थ एक शानदार एक्टर हैं और ये बात उनके काम में झलकती है। तभी वो ये डार्क हॉरर थ्रिलर अपने कंधों पर खींचते हैं। और काफी हद तक सफल भी होते हैं। फिल्म काफी समय तक बांधे रखती है।
लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म से आपका कनेक्ट धीरे धीरे टूटता जाता है और जिस डर के साथ आप आगे बढ़ रहे थे वो कहीं पीछे छूट जाता है।
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