हॉलीवुड फिल्म 'स्पीड' में देसी तड़का है तेज
निर्देशक: प्रियदर्शन
संगीत: साजिद-वाजिद
कलाकार: अजय देवगन, कंगना रणाउत, अनिल कपूर, समीरा रेड्डी, बोमन ईरानी, जायद खान, मल्लिका शेरावत
रेटिंग: 2/5
आज बॉलीवुड के पर्दे पर प्रियदर्शन की फिल्म तेज रिलीज हुई। इस फिल्म को देख हॉलीवुड फिल्म स्पीड की याद आती है। पूरे फिल्म में जहाज में, ट्रेन में या बस में बम लगा दिया जाता है। स्पीड कम की जाए तो बम फट सकता है। यही इस फिल्म की स्टोरी है।
बम लगाने वाले आकाश राणा यानि अजय देवगन लंदन से ग्लासगो जा रही ट्रेन में बम लगा देता है। ट्रेन की स्पीड 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार से कम की जाएगी या रोक दी जाएगी तो बम फट जाएगा और उसमें बैठे यात्रियों की जान जा सकती है। वह लोगों की जान के बदले 10 मिलियन यूरो की डिमांड करता है।
आकाश को पकड़ने के लिए निकले लंदन काउंटर टेररिज्म ऑफिसर अर्जुन खन्ना यानि अनिल कपूर एक प्लान बनाता है और उसे पैसे देने के बहाने गिरफ्तार करना चाहता है। रेलवे ट्रेफिक कंट्रोलर संजय यानि बोमन ईरानी का जो न केवल आकाश से लगातार बात करता रहता है बल्कि इस कोशिश में लगा हुआ है कि ट्रेन किसी तरह रोकी जाए। उसकी बेटी भी उसी ट्रेन में सफर कर रही है। अर्जुन और राणा के बीच चूहे और बिल्ली का खेल चालू हो जाता है।
फिल्म की कहानी काफी कमजोर है। आकाश के बम लगाने के पीछे जो कारण बताया गया है उसे अच्छे से पर्दे पर दिखाया नहीं गया है। आकाश पिछले दरवाजे से इंग्लैंड में घुसता है और पकड़ा जाता है। इसका गुस्सा वह इस तरीके से निकालता है। आकाश के इस काम में उसके दो दोस्त मेघा, समीरा रेड्डी और आदिल जायद खान मदद क रते हैं।
आकाश और अर्जुन की लुकाछिपी में ही पूरी फिल्म निकल जाती है। इमोशनल सीन फिल्म की लंबाई बढ़ाने के अलावा और कुछ नहीं करते। इस फिल्म का प्लस पाइंट हैं स्टंट सीन।
फिल्म के एक्टर्स ने इस फिल्म में अपनी जान डाल दी है। अजय देवगन, अनिल कपूर और बोमन ईरानी ने अपने किरदार पूरी गंभीरता और परिपक्वता के साथ निभाए। जायद खान, समीरा रेड्डी और कंगना को कुछ खास करने का अवसर नहीं मिला है।
तेज फिल्म की कहानी तो क्लिअर न हीं है लेकिन स्टोरी की स्पीड और और एक्टर्स के प्रदर्शन के चलते कहानी को दमदार बना देते हैं। अगर आप चाहे तो हॉलीवुड फिल्म स्पीड में डला देसी तड़का यानि तेज देखने एकबार जरूर जा सकते हैं।


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