Tere Ishk Mein Movie Review: धनुष ने जीता दिल, कृति ने भी चमक बिखेरी, लेकिन कहानी ने किया बड़ा धोखा!

Tere Ishk Mein

Tere Ishk Mein Movie Review: कृति सैनन और धनुष स्टारर फिल्म 'तेरे इश्क में' आज रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को लेकर काफी समय से काफी बज था। लोग पहली बार धनुष और कृति सैनन की केमिस्ट्री देखने को तत्पर थे। लेकिन क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए आइए इस रिव्यू में जानते हैं।

क्या है कहानी

कहानी है एक लड़के शंकर (धनुष) की जिसे आमतौर पर बहुत ज्यादा गुस्सा करना आता है और हाथ उठाना तो उसके लिए आम बात है। लेकिन फिर उसकी जिंदगी में आती है एक लड़की मुक्ति (कृति सैनन) जिसे देखकर वो पहली नजर में ही दिल दे बैठता है। मुक्ति को अपना थीसिस पास करवाकर डॉक्टरेट की डिग्री लेनी है और उसके लिए उसे शंकर जैसे गुस्सैल आदमी की जरूरत है। शंकर मान जाता है और इस चक्कर में वो मुक्ति को अपना दिल दे बैठता है। मु्क्ति शंकर को अपने घर बुलाती है, अपने पापा से मिलवाने और उसके पापा उसे IAS एग्जाम के लिए प्रीलिम्स पास करने की कंडीशन देते हैं।

हैरानी की बात तब होती है जब वो प्रीलिम्स को क्लियर कर लेता है। लेकिन तब तक कहानी बदल चुकी होती है। मुक्ति को किसी और से प्यार हो चुका होता है। वो किसी और से शादी करने का ऐलान कर चुकी होती है। ये बात जानकर शंकर आग बबूला हो जाता है और मुक्ति के घर को आग लगा देता है। अब आगे की कहानी क्या मोड़ लेती है, ये जानने के लिए आपको ये फिल्म थिएटर में जाकर देखनी होगी।

कैसी है फिल्म

फिल्म में पहली बार धनुष और कृति साथ में नजर आए और इनकी जोड़ी उम्मीद से ज्यादा इस फिल्म में अच्छी लगी है। कृति धीरे-धीरे एक ऐसी एक्ट्रेस बनती जा रही हैं, जिनकी जोड़ी हर किसी के साथ अच्छी ही लगती है। फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी हद तक रांझणा जैसा लगता है, लेकिन सैकेंड हाफ में कहानी में काफी ट्विस्ट आते हैं और यहीं से कहानी रांझणा से काफी अलग हो जाती है।

फिल्म का स्क्रीनप्ले, इमोशन और गाने काफी अच्छे हैं लेकिन फिल्म की कहानी को और भी बेहतर किया जा सकता था। फिल्म में कई इललॉजिकल चीजे़ं डाली गई हैं, कई इललॉजिकल कॉन्सेप्ट रखे गए हैं। जो समझ से काफी परे हैं। फिल्म की अगर कहानी पर काम किया जाता तो ये फिल्म एक मास्टरपीस बन सकती थी। फिल्म का पहला पार्ट काफी अच्छा है लेकिन सैकेंड पार्ट की कहानी को और भी अच्छा किया जा सकता था।

कैसी है एक्टिंग

इस फिल्म में सभी एक्टर्स ने शानदार काम किया है। धनुष अपन रोल में बेहतरीन लगे हैं और कृति ने भी अपने कैरेक्टर के साथ जस्टिस किया है। बाकी कैरेक्टर्स ने भी बेहतरीन रोल किया है। प्रकाश राज जो धनुष के पिता के रोल में दिखे, उन्होंने भी अच्छा काम किया है। लेकिन जब इस फिल्म में जीशान आयूब की एंट्री होती है तो एक बार फिर से रांझणा वाली यादें ताजा हो जाती हैं।

फाइनल रिव्यू

'तेरे इश्क में' एक बेहतरीन फिल्म होने का दम रखती थी, अगर इसकी कहानी के साथ न्याय किया जाता। ये फिल्म वन टाइम वॉच है और आप सोचने पर मजबूर हो जाओगे कि क्या वाकई में ऐसा प्यार भी होता है। क्या आज के जमाने में भी सच्चा प्यार होता है और अगर इसे ही प्यार करना कहते हैं तो प्यार करना इतना भी आसान नहीं होता। सभी एक्टर्स की एक्टिंग कमाल की है और बस पूरी फिल्म में एक अच्छी कहानी का ही मलाल रहा। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से इस फिल्म को मिलते हैं 3 स्टार।

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