इंतज़ार खत्म 'तलाश' शुरु- रिव्यू
बहुत इंतजार के बार आखिरकार वो दिन आ ही गया जब आमिर खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'तलाश' का इंतजार खत्म हुआ और आमिर, करीना कपूर और रानी मुखर्जी की तिकड़ी बॉक्स ऑफिस पर नये रिकॉर्ड कायम करने आ गयी। आमिर खान की अब तक की फिल्मों की तरह ये तलाश भी उनके परफैक्शन के साथ बनी है। इस साल यूं तो कई फिल्में आईं लेकिन उन फिल्मों को देखने के लिए दर्शकों को दिमाग की जरुरत नहीं पड़ी। अब अगर आप आमिर खान की तलाश देखने का प्लान कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आंखों और कानों के साथ आपको अपने दिमाग की भी जरुरत पड़ेगी।
कहानी- रीमा कागती, जोया अख्तर, फरहान अख्तर और आमिर खान जैसे बड़े-बड़े फिल्ममेकर एक साथ हों तो फिल्म का बेहतरीन होना तो लाजमी है। फिल्म में आमिर खान ने सुर्जन सिंह शेखावत नाम के पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाया है। जो की मुंबई शहर की सुनसान सड़कों पर रात होते ही अपनी बाईक से चोर-उचक्कों की तलाश में निकलता है। एक दिन सुपरस्टार अरमान कपूर की कार मुंबई में समुंद्र की तरफ जाती है और डूब जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार ये एक हादसा था लेकिन इंस्पेक्टर सुर्जन सिंह शेखावत (आमिर खान) जो की इस केस की तहकीकात करता है को पता चलता है कि इस हादसे का संबध एक ब्लैकमेलिंक केस है।
केस की तहकीकात के दौरान उसकी मुलाकात तेहनूर (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से होती है जो की एक कॉल गर्ल रोजी (करीना कपूर) का दलाल है। शेखावत को पता चलता है कि रोजी इस उलझे हुए केस की एक टूटू हुई डोर है। इसी केस के दौरान शेखावत अपने अतीत से जुड़े कुछ पहलुओं में भी उलझ जाता है जिसकी वजह से उसकी शादी शुदा जिंदगी प्रभावित होती है। इन्सोम्निया से घिर चुका शेखावत मुंबई की सुनसान सड़कों पर किसी की तलाश में घूमता फिरता है और उसकी पत्नी रौशनी (रानी मुखर्जी) अपने दुख और चिंताओं में घिरी घर पर रहती है।
कहानी को पढ़कर आपको यही लगेगा कि ये एक बहुत ही सिंपल कहानी है लेकिन जैसे जैसे फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है ये बहुत ही उलझती जाती है जो एक पल को भी आपके दिमाग को टेशन फ्री नहीं होने देगी। हर पल यही उलझन रहेगी कि आगे क्या? फिल्म से जुड़े कुछ और पहलुओं के बारे में जानने के लिए देखिये ये तस्वीरें।


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