'सुपर 30' फिल्म रिव्यू: ऋतिक रोशन ने पर्दे पर जी लिया आनंद कुमार का संघर्ष, दमदार फिल्म
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'Education Is A Way To Heaven'
शिक्षा मंत्री श्रीराम सिंह (पंकज त्रिपाठी) छात्रों को पुरस्कृत करते हुए जब अपनी टूटी फूटी अंग्रेजी में यह बात कहते हैं, तो वहां खड़े छात्र हंस पड़ते हैं। लेकिन आनंद कुमार (ऋतिक रोशन) को हंसी नहीं आती। वह बगल में खड़े लड़के के हाथ में रखी किताब पर नजरें गड़ाए हैं। प्रतियोगिता में अव्वल आये आनंद कुमार अपना मेडल लेते हैं और ऊंची से ऊंची शिक्षा पाने का ख्वाब लिये घर आ जाते हैं। उनके पिता (वीरेन्द्र सक्सेना) का विश्वास कि ''अब राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा'', आनंद की इच्छाओं को बल देता है। गणित का कीड़ा लिये आनंद हर उस कठिनाई का सामना करते हैं, जो उनके और उनकी शिक्षा के आड़े आती है। चाहे वह हर हफ्ते ट्रेन के डिब्बे के ऊपर बैठकर पटना से BHU की यात्रा करना हो, या एक डाक डालने के लिए रुपए ना होना। शिक्षा के प्रति यही भूख उन्हें लंदन कैम्ब्रिज़ विश्वविद्यायल तक का रास्ता देती है। लेकिन यहां गरीबी उनके आड़े जा जाती है।
सुपर 30 गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन पर आधारित फिल्म है, जो लोगों को एक बार जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्म आपको जीवन में हर कठिनाइयों से जूझते हुए मंजिल पाने की प्रेरणा देती है। लेकिन खास बात है कि फिल्म अपना संदेश आप पर थोपती नहीं है, बल्कि कहानी के साथ साथ छूती जाती है। इस विषय पर बॉलीवुड में कई फिल्में आई और सफल भी रहीं, लेकिन यह सफर आपको सोचने की एक नई दिशा देगी। हमारी ओर से फिल्म को तीन स्टार।


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