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    'सुपर 30' फिल्म रिव्यू: ऋतिक रोशन ने पर्दे पर जी लिया आनंद कुमार का संघर्ष, दमदार फिल्म

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    Rating:
    3.0/5

    Super 30 Movie Review: Hrithik Roshan | Pankaj Tripath| Mrunal Thakur | FilmiBeat

    'Education Is A Way To Heaven'

    शिक्षा मंत्री श्रीराम सिंह (पंकज त्रिपाठी) छात्रों को पुरस्कृत करते हुए जब अपनी टूटी फूटी अंग्रेजी में यह बात कहते हैं, तो वहां खड़े छात्र हंस पड़ते हैं। लेकिन आनंद कुमार (ऋतिक रोशन) को हंसी नहीं आती। वह बगल में खड़े लड़के के हाथ में रखी किताब पर नजरें गड़ाए हैं। प्रतियोगिता में अव्वल आये आनंद कुमार अपना मेडल लेते हैं और ऊंची से ऊंची शिक्षा पाने का ख्वाब लिये घर आ जाते हैं। उनके पिता (वीरेन्द्र सक्सेना) का विश्वास कि ''अब राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा'', आनंद की इच्छाओं को बल देता है। गणित का कीड़ा लिये आनंद हर उस कठिनाई का सामना करते हैं, जो उनके और उनकी शिक्षा के आड़े आती है। चाहे वह हर हफ्ते ट्रेन के डिब्बे के ऊपर बैठकर पटना से BHU की यात्रा करना हो, या एक डाक डालने के लिए रुपए ना होना। शिक्षा के प्रति यही भूख उन्हें लंदन कैम्ब्रिज़ विश्वविद्यायल तक का रास्ता देती है। लेकिन यहां गरीबी उनके आड़े जा जाती है।

    फिल्म की कहानी

    फिल्म की कहानी

    शिक्षा पर तो सबका अधिकार होता है.. कथनी पर विश्वास करने वाले आनंद जल्द ही समझ जाते हैं गरीबी एक अभिशाप है। संघर्ष के दिनों को पार करते हुए आनंद की जिंदगी में कई मोड़ आते हैं। जहां वो गरीबी से अमीरी तक सफर भी तय करते हैं। शिक्षा के नाम पर धंधा करने वालों से भी यारी होती है। लेकिन अमीरी का रंग उन्हें ज्यादा दिनों तक नहीं भाता और अहसास हो जाता है कि वह राजा के बच्चों को ही राजा बनाने की तैयारी में जुटे हैं। बिना समय गंवाए आनंद अपने पिता के बातों को याद करते हुए सुपर 30 की शुरुआत करते हैं। जिसके जरीए वह 30 ऐसे बच्चों को आईआईटी की तैयारी कराते हैं, जिनके पास शिक्षा पाने की लगन तो है लेकिन साधन नहीं है। यह असाधारण सफर भी आनंद कुमार के लिए आसान नहीं , लेकिन उनका मानना है कि 'आपत्ति से ही तो आविष्कार का जन्म होता है..'

    अभिनय

    अभिनय

    आनंद कुमार के किरदार में ऋतिक रोशन प्रभावी रहे हैं। उनका लहज़ा कानों में थोड़ा खटक सकता है, लेकिन अपने दमदार अभिनय से ऋतिक ने फिल्म को एक मजबूती दी है। खासकर भावुक करने वाले दृश्यों में ऋतिक दिल जीतने में सफल रहे हैं। ऋतिक के भाई (प्रणव कुमार) बने नंदीश सिंह और प्रेमिका के संक्षिप्त किरदार में मृणाल ठाकुर ने अच्छा काम किया है। वहीं, शिक्षा माफिया के रोल में आदित्य श्रीवास्तव और शिक्षा मंत्री बने पंकज त्रिपाठी दमदार सर्पोटिंग कास्ट रहे हैं। फिल्म में आप उन्हें और देखना चाहेंगे।

    निर्देशन

    निर्देशन

    सुपर 30 का निर्देशन सधा हुआ है। खासकर फर्स्ट हॉफ आपको बांधे रखता है। इसका श्रेय श्रीकर प्रसाद की कसी हुई एडिटिंग को भी जाता है। कहानी आपको बेहद भावुक करती है, लेकिन हंसी मजाक के यादगार क्षण भी मिल जाएंगे। वहीं, सेकेंड हॉफ में पटकथा थोड़ी कमज़ोर हो जाती है। दो, तीन भरपूर ड्रामा वाले सीन के बीच फंसकर आप कहानी से कुछ टूट जाते हैं। क्लाईमैक्स को भी निर्देशक थोड़ा और असरदार बना सकते थे, ताकि दर्शक उस लम्हे को लेकर सिनेमाघर से बाहर निकलते। बहरहाल, क्वीन के बाद विकास बहल ने साबित कर दिया कि वह 'वन फिल्म वंडर' नहीं हैं।

    संगीत

    संगीत

    अजय अतुल द्वारा दिया गया संगीत फिल्म में कुछ खास प्रभाव नहीं डालता। हालांकि गानों को कहानी के साथ साथ ही लेकर चलने की कोशिश की गई है, ताकि फिल्म की लंबाई ना बढ़े।

    सुपर 30 गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन पर आधारित फिल्म है, जो लोगों को एक बार जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्म आपको जीवन में हर कठिनाइयों से जूझते हुए मंजिल पाने की प्रेरणा देती है। लेकिन खास बात है कि फिल्म अपना संदेश आप पर थोपती नहीं है, बल्कि कहानी के साथ साथ छूती जाती है। इस विषय पर बॉलीवुड में कई फिल्में आई और सफल भी रहीं, लेकिन यह सफर आपको सोचने की एक नई दिशा देगी। हमारी ओर से फिल्म को तीन स्टार।

    English summary
    Hrithik Roshan starrer Super 30 based on Anand Kumar's life is inspiring and engaging. Teaches you how to achieve you goals against all odds.
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