REVIEW: आ गया रियल हीरो 'सुल्तान'.. पैसा वसूल.. फुल इंटरटेनमेंट
फिल्म- सुल्तान
सुल्तान सलमान खान की फिल्म है और इसे देखने के लिए फैंस को रिव्यू की कोई जरूरत नहीं होती। फिल्म की ओपनिंग कलेक्शन से साफ होता है कि भाईजान की फिल्म है, बस फिर ना कहानी की जरूरत होती है, ना किरदारों की।

सुल्तान की कहानी है सुल्तान अली खान (सलमान खान) की। सुल्तान के जीवन की ऊंचाइयां जहां आपको खुश कर देगी, वहीं उसके सपनों का टूटना आपको निराश करेगा। फिल्म की फर्स्ट हाफ ठीक ठाक है। लेकिन सेकेंड हाफ आपको ज्यादा बांधेगी। ये बात अलग है कि फिल्म की सेकेंड हाफ आपको अक्षय कुमार की 'ब्रदर्स' की याद दिलाएगी।
फिल्म में सलमान खान की एंट्री धमाकेदार है.. एकदम सीटीमार.. लेकिन, क्लाईमैक्स को दिलचस्प बनाने में निर्देशक थोड़े चूक गए हैं। कोई शक नहीं कि सुल्तान परिवार के साथ जाएं और ईद एन्जॉय करें। फिल्म है पूरी पैसा वसूल।
यहां पढ़ें फिल्म सुल्तान की पूरी समीक्षा-
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी है सुल्तान अली खान (सलमान खान) की। हरियाणा का एक गबरू जवान, जिसके जीवन में कोई लक्ष्य नहीं होता। फिर उनकी लाइफ में आती है एक लड़की.. कुश्ती विजेता.. आर्फा.. जो सुल्तान को बदलकर रख देती है। आर्फा की वजह से सुल्तान दुनिया का नंबर एक wrestler बन जाता है।
दबंग पहलवान, जिसे जीतने की आदत है। दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010, इंस्ताबुल में 2011 FILA विश्व कुश्ती चैंपयिनशिप और लंदन ओलंपिक्स (2012).. इन सभी प्रतियोगिताओं में सुल्तान भारत को जीत दिलाता है। लेकिन फिर.. सुल्तान के निजी जीवन में एक तूफान आ जाता है। जिसके बाद पर कुश्ती लड़ना छोड़ देता। अब ये ट्विस्ट क्या है.. यह आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।
असली कुश्ती रिंग में नहीं लड़ी जाती.. यह वह दंगल है जो असल जीवन में लड़ते हैं.....
एक प्रेरणा.. बस फिर क्या था। सुल्तान अपने जीवन में वापस से उठने को तैयार हो जाता है। इस लड़ाई में कई किरदार उसके साथ खड़े होते हैं। लेकिन क्या सुल्तान अपनी गलतियों को सुधार पाएगा? क्या सुल्तान के जीवन में फिर से आर्फा आएगी? यह जानने के लिए देखिए सुल्तान.....
अभिनय
पूरी फिल्म में सलमान ही सलमान हैं। लिहाजा, बाकी सभी किरदार उनके सामने कहीं खोए से लगेंगे। फिल्म देखकर साफ है कि सलमान खान ने सुल्तान के लिए जीतोड़ मेहनत की है। उनकी ट्रेनिंग पर्दे पर साफ झलकती है। फिल्म में सुल्तान की संगिनी बनी आर्फा (अनुष्का शर्मा) ने भी दमदार किरदार निभाया है। कहना पड़ेगा कि अनुष्का शर्मा ने काफी ईमानदार कोशिश की है।
वहीं साइड किरदारों में कुमुद मिश्रा (आर्फा के पिता), रणदीप हुडा (सुल्तान के कोच) और अमित साध आपका ध्यान आकर्षित करेंगे।
म्यूजिक-
विशाल - शेखर ने फिल्म की म्यूजिक कंपोज की है। फिल्म के गाने भी पॉपुलर हो चुके हैं। लेकिन फिल्म में एक- दो गाने ठूंसे हुए लगेंगे। जबकि जग घुमैया आपके दिमाग में फिल्म के बाद भी रहेगी। फिल्म की टाइटल ट्रैक शानदार है, जो आपको टुकड़ों टुकड़ों में सुनाई देती जाएगी।
तकनीकी पक्ष-
फिल्म की फर्स्ट हाफ थोड़ी कमजोर है, लेकिन सेकेंड हाफ को मजबूती से गढ़ा गया है। हालांकि क्लाईमैक्स पर आकर फिल्म फिर थोड़ी ढ़ीली पर जाती है। कुल मिलाकर फिल्म के निर्देशन पर थोड़ा और ध्यान दिया जा सकता था। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। हरियाणा की गलियों को काफी करीब से शूट किया गया है। जिससे दर्शक आसानी से जुड़ पाएंगे। वहीं, एडिटिंग भी अच्छी है।
अच्छी बातें-
सभी एक्टर्स ने अच्छी एक्टिंग की है। सलमान खान- अनुष्का शर्मा के पॉवरफुल परर्फोमेंस दी है। फिल्म की फाइटिंग सीन्स को काफी अच्छे से कोरियोग्राफ किया गया है। यही एक फैक्टर है, जो आपको फिल्म से बांधे रखेगा।
निगेटिव बातें-
फिल्म को थोड़ा और छोटा किया जा सकता था। फिल्म के कुछ सीन्स और एक, दो गानों को एडिट किया जा सकता था, जिसकी वजह से फिल्म काफी लंबी हो गई है। वहीं कुछ लोगों को फिल्म रिएलिटी से कहीं दूर लगेगी।


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