Subedaar movie review: Anil Kapoor की दमदार एक्टिंग, रिटायर सैनिक की जिंदगी का दिखाया कोहराम
Subedaar movie review: अनिल कपूर एक बार फिर एक नई कहानी और नए किरदार के साथ लौट आए हैं। एक्टर की मच अवेटेड फिल्म 'सूबेदार' अब स्ट्रीमिंग के लिए अवेलेबल है। ये फिल्म 5 मार्च को अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हुई है। इस फिल्म में अनिल कपूर के साथ हैं राधिका मदान, आदित्य रावल, मोना सिंह और सौरभ शुक्ला। अब ये फिल्म देखनी चाहिए या मिस करनी चाहिए, आइए इस रिव्यू में जानें।

क्या है कहानी?
फिल्म Subedaar एक ऐसे सैनिक की कहानी दिखाती है जो सेना से रिटायर होने के बाद अपने घर लौटता है। सालों तक देश की सेवा करने के बाद वह उम्मीद करता है कि अब उसे परिवार के साथ शांति भरी जिंदगी मिलेगी। लेकिन घर लौटने के बाद उसकी जिंदगी उतनी आसान नहीं रहती जितनी उसने सोची थी। कहानी शुरू होती है एक लड़के की लाश से और ये 15वीं मौत होती है। इसके पीछे का कारण है- खनन माफिया।
कहानी में दिखाया गया है कि कैसे एक सैनिक सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी कई मुश्किलों से जूझता है। फिल्म परिवार, जिम्मेदारियों और समाज की कड़वी सच्चाइयों को दिखाने की कोशिश करती है। हालांकि कहानी का आइडिया मजबूत है, लेकिन इसे जिस तरह से स्क्रीन पर पेश किया गया है, वह हर जगह उतना असरदार नहीं लगता।
कैसी है एक्टिंग?
फिल्म में सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं Anil Kapoor। उन्होंने एक रिटायर्ड सैनिक के किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभाया है। उनके चेहरे के भाव, बॉडी लैंग्वेज और संवाद बोलने का तरीका किरदार को काफी वास्तविक बनाता है। वहीं Aditya Rawal ने एक खतरनाक आदमी का रोलन निभाया जिसमें वो ठीक-ठाक नजर आते हैं। उन्होंने अपने रोल को अच्छी तरह निभाने की कोशिश की है। उनके और अनिल कपूर के बीच के टकराव वाले सीन काफी अच्छे लगे हैं।
वहीं Radhika Madan ने बेटी के रोल में इमोशनल एक्टिंग की है। Mona Singh, Saurabh Shukla और Faisal Malik भी अपने-अपने रोल में ठीक नजर आते हैं, हालांकि कुछ किरदारों को ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं मिल पाया।
कैसी है फिल्म?
फिल्म की शुरुआत काफी दिलचस्प लगती है और ऐसा लगता है कि आगे कहानी मजबूत मोड़ लेगी। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो जाती है। कुछ सीन ऐसे लगते हैं जिन्हें और बेहतर तरीके से लिखा या फिल्माया जा सकता था।
एक्शन सीन ठीक-ठाक हैं, लेकिन वे बहुत ज्यादा रोमांच पैदा नहीं कर पाते। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी अच्छे हैं, जो कई सीन को भावनात्मक बनाने में मदद करते हैं।
फाइनल रिव्यू
अगर आप अनिल कपूर की दमदार एक्टिंग देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है। उन्होंने अपने एक्सपीरिएंस और एक्टिंग से फिल्म को संभालने की पूरी कोशिश की है। लेकिन कहानी और स्क्रीनप्ले की कमजोरी की वजह से फिल्म उतना बड़ा असर नहीं छोड़ पाती। कुल मिलाकर 'Subedaar' एक अच्छी सोच वाली फिल्म है, जिसमें शानदार एक्टिंग है, लेकिन कमजोर कहानी इसकी पूरी ताकत सामने नहीं आने देती।


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